चिता पर युवक की चलने लगीं सांसें, अंतिम संस्कार से पहले हो गया जिंदा, अस्पताल भागे परिजन
भदोही जनपद के औराई क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। डॉक्टर द्वारा मृत बताया गया युवक जिंदा निकला। परिजन उसका अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर रहे थे। जैसे ही युवक को चिता पर लिटाया गया तो उसके शरीर में हरकत शुरू हो गई।
अंतिम संस्कार से पहले युवक के जिंदा होने की खबर से परिजनों के होश उड़ गए। श्मशान घाट पर ही अफरातफरी मच गई।
पूरा मामला औराई कोतवाली के खेतलपुर गाँव के पास का है। 23 मार्च को सायर गांव निवासी अनिल वनवासी (40) सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया था। परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे थे। यहां से उसे रेफर कर दिया गया था। युवक का वाराणसी स्थित कुलवंती हॉस्पिटल में उपचार चल रहा था। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने अनिल को मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन युवक के शव को लेकर घर आ गए और अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे। युवक की मौत की खबर पाकर नाते-रिश्तेदारों का हुजूम लगने लगा।
शव लेकर गंगा घाट पहुंचे परिजन
परिजन शव को घर ले जाकर अंतिम संस्कार के लिए गंगा घाट पहुंचे और चिता सजाने लगे। लड़कियां लग चुकी थीं। इसी दौरान चिता पर लेटे युवक के शरीर में हरकत शुरू हो गई। पहले तो परिजनों को विश्वास नहीं हुआ, लेकिन जब ध्यान से देखा तो उसके शरीर में हलचल हो रही थी। चिता पर लेटे युवक की सांसें चल रही थीं। अंतिम संस्कार से पहले युवक जिंदा हो गया था। इसकी खबर लगते ही परिजनों के होश उड़ गए।
चिता से शव को उठाकर ट्रामा सेंटर लेकर पहुंचे परिजन
चिता पर लेटे युवक के शरीर में जब हरकत दिखी तो परिजन युवक को लेकर सीधे औराई ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए वाराणसी रेफर कर दिया। वर्तमान में उनका इलाज जारी है। घटना के बाद परिजनों ने संबंधित अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि उपचार के दौरान लगातार पैसे जमा कराने का दबाव बनाया गया और बाद में मृत घोषित कर दिया गया। वहीं औराई ट्रामा सेंटर के चिकित्सक ने बताया कि अनिल की सांसें चल रही हैं और वह गंभीर चोट के कारण बेहोशी की स्थिति में थे। उचित उपचार मिलने पर उनके स्वस्थ होने की संभावना है। इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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