रायबरेली में पंजाब नेशनल बैंक के चार अफसरों के खिलाफ केस, फर्जी दस्तावेज से लोन खाता खोलने का आरोप
रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)
मो-8573856824
रायबरेली- फर्जी दस्तावेज से लोन खाता खोलने का आरोप में कोर्ट के आदेश पर बड़ा एक्शन हुआ है। यहां शनिवार को कोतवाली नगर पुलिस ने पंजाब नेशनल बैंक के चार अधिकारियों के खिलाफ दलित उत्पीड़न, धोखाधड़ी और कूटरचना की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
यह प्रकरण बैंक के पूर्व कर्मचारी देवनाथ पासी के आरोपों से जुड़ा है। मिल एरिया के आइटीआइ कालोनी के पीड़ित का आरोप है कि वर्ष 2022 में सेवा से बर्खास्त करने के बाद बैंक अधिकारियों ने साजिश के तहत उनके स्टाफ होम लोन खाते को बंद भी नहीं किया और बिना सूचना नया पब्लिक होम लोन खाता खोल दिया।
इन पर जाली दस्तावेजों का उपयोग करके फर्जी लोन खाता खोलने, ग्रेच्युटी की रकम ट्रांसफर करने और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उत्पीड़न का आरोप है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पासी का आरोप है कि पुराने दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फर्जी लोन संचालित किया गया और ग्रेच्युटी की धनराशि भी उसी खाते में समायोजित कर दी गई।
देवनाथ का आरोप है कि 17 सितंबर 2022 को बर्खास्तगी के बाद उनकी ग्रेच्युटी की रकम को फर्जी तरीके से लोन खाते में ट्रांसफर किया गया। पीड़ित ने पहले सीओ सदर और एसपी से भी शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई न होने पर कोर्ट की शरण ली। इस मामले में अभी आगे की जांच जारी है। इस मामले में रविवार को पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में इन आरोपों को गंभीर माना है।
देवनाथ ने बैंक अधिकारियों पर जातीय, आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा कि टाइटिल डीड वापस नहीं की गई तथा बैंक कार्यालय में प्रवेश तक रोक दिया गया। न्यायालय के आदेश पर कोतवाली नगर पुलिस ने रक्तिमावा दान मंडल प्रमुख पंजाब नेशनल बैंक, अल्पना त्रिवेदी, ज्ञानेंद्र वर्मा और प्रवीण कुमार के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट, धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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