रायबरेली:ऊंचाहार में जागरूकता शिविर का आयोजन: सरकारी योजनाओं से बेटियों का भविष्य संवारने की पहल

रायबरेली:ऊंचाहार में जागरूकता शिविर का आयोजन: सरकारी योजनाओं से बेटियों का भविष्य संवारने की पहल

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रिपोर्ट- सागर तिवारी

ऊंचाहार, रायबरेली-शनिवार को  तहसील परिसर में महिला कल्याण विभाग के तत्वावधान में एक विशेष जागरूकता शिविर (कैम्प) का आयोजन किया गया। इस कैम्प के माध्यम से क्षेत्रीय नागरिकों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न लाभार्थी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर एम.टी.एस. (MTS) राकेश मिश्रा ने कैम्प में आए लोगों को बताया कि इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाना है।
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना पर रहा विशेष जोर
शिविर के दौरान 'मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना' के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। राकेश मिश्रा ने बताया कि यह योजना बेटियों की शिक्षा और स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए छह चरणों में आर्थिक सहायता प्रदान करती है:
बालिका के जन्म पर: ₹5,000 की सहायता।
टीकाकरण पूर्ण होने पर: ₹2,000 की राशि।
कक्षा 1, 6 और 9 में प्रवेश पर: क्रमशः ₹3,000, ₹3,000 और ₹5,000।
स्नातक/डिप्लोमा में प्रवेश पर: उच्च शिक्षा के लिए ₹7,000 की अंतिम किस्त।
अन्य योजनाओं की दी गई जानकारी
कैम्प में केवल कन्या सुमंगला ही नहीं, बल्कि महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं जैसे निराश्रित महिला पेंशन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और वन स्टॉप सेंटर के बारे में भी बताया गया। राकेश मिश्रा ने लोगों को बताया कि तहसील स्तर पर ऐसे शिविरों के आयोजन से उन लोगों को बहुत लाभ मिल रहा है जो जानकारी के अभाव में आवेदन नहीं कर पाते थे।
पात्रता और आवेदन की सरल प्रक्रिया
शिविर में बताया गया कि ₹3 लाख तक की वार्षिक आय वाले परिवार इस योजना के पात्र हैं। आवेदन के लिए उत्तर प्रदेश का निवास प्रमाण पत्र और परिवार में अधिकतम दो बच्चे होने की शर्त अनिवार्य है। लाभार्थी ऑनलाइन पोर्टल mksy.up.gov.in या तहसील स्थित संबंधित कार्यालयों में जाकर आवेदन कर सकते हैं।
शनिवार को आयोजित इस कैम्प में भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे, जिन्होंने सरकार की इन कल्याणकारी नीतियों की सराहना की।