रायबरेली-हीट स्ट्रोक से हो रही मौतें , अंतिम संस्कार के लिए मारामारी,,,,

रायबरेली-हीट स्ट्रोक से हो रही मौतें , अंतिम संस्कार के लिए मारामारी,,,,

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          रिपोर्ट-सागर तिवारी

ऊंचाहार - रायबरेली-बढ़ा तापमान जानलेवा साबित  हो रहा है । पूरे क्षेत्र में लगातार हीट स्ट्रोक से मौते हो रही हैं ,जिसके कारण क्षेत्र के गंगा तटों पर लाशों का अंबार लगा हुआ है । हालात करीब करीब कोरोना काल जैसे बनते नजर आ रहे है । लोग रेत में अपनों के शवों को दफन कर रहे हैं।
      विगत करीब दस दिनों से भीषण गर्मी ने जनजीवन को बेहाल कर रखा है । आसमान से सूरज आग की वर्षा कर रहा है । तापमान सामान्य से काफी आगे निकल चुका है । दो दिन पहले 47 डिग्री तापमान रिकार्ड किया गया । इसका असर लोगों पर हुआ है और गांव गांव मौत की घटनाएं हो रही है । जिससे गंगा तटों पर अंतिम संस्कार के लिए आने वाले शवों का आंकड़ा अचानक बढ़ गया है । ऊंचाहार के गोकना गंगा घाट पर इस समय प्रतिदिन औसत तीस शव अंतिम संस्कार के लिए पहुंच रहे हैं । जबकि सामान्य दिनों में यह आंकड़ा सात आठ शवों के रहता था । अचानक अंतिम संस्कार के लिए आने वाले शवों की संख्या बढ़ने से गंगा तटों की व्यवस्था भी चरमरा गई है । अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियां तक कम पड़ रही हैं । गोकना गंगा घाट के वरिष्ठ पुरोहित जितेंद्र द्विवेदी बताते हैं कि अंतिम संस्कार के लिए आने वाले शवों की संख्या में बढ़ोत्तरी से लोग घबराए हुए हैं । लोगों को कोरोना काल का मंजर याद आ रहा हैं। उस समय आने वाले शवों की संख्या साठ से सत्तर पहुंच गई थी । इस समय तीस से पैंतीस शव अंतिम संस्कार के लिए आ रहे हैं । यह आंकड़ा धीरे धीरे बढ़ता जा रहा है ।

धारा दक्षिणी छोर पर होने से बढ़ रही परेशानी 

ऊंचाहार के गोकना गंगा घाट पर गंगा का प्रवाह दक्षिण वाहिनी है । इस समय गंगा का प्रवाह दक्षिणी किनारा पकड़े हुए है । ऐसी दशा में शवों के अंतिम संस्कार के लिए लोगों को रेत पर चलकर उस पार जाना पड़ रहा है । जिससे दुश्वारियां काफी बढ़ी हुई है । तेज धूप के अंगार जैसी तपती रेत पर चलकर जाना बड़ा जोखिम भरा काम है । किंतु धारा उस पार होने के कारण लोगों के पास कोई विकल्प नहीं है ।