रायबरेली-ऊंचाहार मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में उमड़ा युवाओं का उत्साह, एसडीएम ने परखी व्यवस्थाएं

रायबरेली-ऊंचाहार मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में उमड़ा युवाओं का उत्साह, एसडीएम ने परखी व्यवस्थाएं

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     रिपोर्ट-सागर तिवारी


ऊंचाहार (रायबरेली)। भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में रायबरेली जिले के ऊंचाहार तहसील क्षेत्र के अंतर्गत 'विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026' पूरी सक्रियता के साथ संचालित किया जा रहा है। रविवार को अवकाश का दिन होने के बावजूद तहसील के खोजनपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों में नए मतदाताओं में सूची में नाम जुड़वाने को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। विशेषकर पहली बार मतदाता बनने जा रहे युवाओं ने भारी संख्या में शिविरों में पहुँचकर अपनी लोकतांत्रिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उत्साह दिखाया।
इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य 1 जनवरी 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों (वोटर लिस्ट) को पूरी तरह अपडेट और त्रुटिहीन बनाना है। इसे लेकर तहसील प्रशासन पूरी तरह गंभीर नजर आ रहा है। क्षेत्र के अलग-अलग विद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर विशेष शिविर लगाए गए हैं, जहाँ बीएलओ (BLO) द्वारा नाम जोड़ने और संशोधन का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है।
प्रशासनिक मुस्तैदी का जायजा लेने के लिए रविवार को उपजिलाधिकारी (एसडीएम) राजेश कुमार श्रीवास्तव ने स्वयं मोर्चा संभाला। उन्होंने पूरब गाँव में आयोजित विशेष शिविर का औचक निरीक्षण किया और बीएलओ के रजिस्टर व अब तक प्राप्त हुए आवेदनों की बारीकी से जांच की। एसडीएम के निर्देशों के क्रम में नायब तहसीलदार शम्भू शरण पाण्डेय और लेखपाल प्रमोद गुप्ता ने भी क्षेत्र के विभिन्न बूथों का सघन निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
एसडीएम राजेश कुमार श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि यह विशेष अभियान 06 जनवरी 2026 से शुरू हुआ है और 06 फरवरी 2026 तक निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने क्षेत्र की जनता, विशेषकर युवाओं से अपील की कि जिनकी आयु 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष पूर्ण हो रही है, वे अपना नाम मतदाता सूची में अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं। इसके साथ ही, सूची में नाम जोड़ने, विलोपित करने या किसी भी प्रकार के संशोधन के लिए भी आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। एसडीएम ने बीएलओ और सभी लेखपाल सुपरवाइजरों को कड़ी हिदायत दी है कि कार्य में पूर्ण पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने अधिकार से वंचित न रहे।