रायबरेली-बकरीद अल्लाह के प्रति आज्ञाकारिता, धार्मिकता के प्रति समर्पण और तक़वा के सीख का पर्व

रायबरेली-बकरीद अल्लाह के प्रति आज्ञाकारिता, धार्मिकता के प्रति समर्पण और तक़वा के सीख का पर्व

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          रिपोर्ट-सागर तिवारी

ऊंचाहार-रायबरेली-सोमवार को बकरीद को लेकर चारो ओर उल्लास है । सुबह ईदगाह की नमाज के बाद कुर्बानी होगी इसके बाद दस दिनों से नाखून , बाल, दाढ़ी आदि की सेविंग लोग करेंगे ।
     बकरीद को लेकर ईदगाह की साफ सफाई की गई है । जहां पर सुबह सात बजे नमाज होगी । इसके बाद अकीदतमंद कुर्बानी देंगे । ज्ञात हो कि कुर्बानी के संकल्प स्वरूप अकीदतमंद लोग जिलहिज्जा का चांद दिखने के बाद कुर्बानी तक अपने बाल, नाखून ,दाढ़ी नहीं काटते हैं । यह लोग सोमवार को कुर्बानी के बाद ये कटिंग कराएंगे । ऊंचाहार में ईदगाह की नमाज मौलाना मो . अहमद के नेतृत्व में पढ़ी जाएगी । उससे पहले साढ़े छ बजे फाटक  भीतर मस्जिद में नमाज होगी । साढ़े सात बजे सराय मोहल्ला की मस्जिद में नमाज अदा की जाएगी । पौने आठ बजे खरौली रोड स्थित बड़ी मस्जिद में नमाज होगी ।

कुर्बानी बहुत जरूरी 

नगर पंचायत की पूर्व अध्यक्ष शाहीन सुलतान ने बताया कि इस्लाम में कुर्बानी बहुत अहम है । जिनकी माली हालत ठीक है , उन्हे जरूर कुर्बानी देनी चाहिए । यह त्याग का एक हिस्सा है । उन्होंने कहा कि हर पर्व हमे कुछ न कुछ सीख देते हैं । बकरीद हमे यह प्रेरणा देता है कि इसका उद्देश्य मुसलमानों को संयम, अल्लाह के प्रति आज्ञाकारिता, धार्मिकता के प्रति समर्पण और तक़वा सिखाना है। इसके अलावा, कुर्बानी हमारे समुदायों में सबसे कमज़ोर लोगों को याद रखने और उनकी सहायता करने का एक महत्वपूर्ण साधन है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि उन्हें समुदाय-व्यापी उत्सवों से वंचित न रखा जाए।