रिकॉर्ड तोड़ रही चांदी से पैसा निकालने का आ गया टाइम? सुनिए क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट

रिकॉर्ड तोड़ रही चांदी से पैसा निकालने का आ गया टाइम? सुनिए क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट

-:विज्ञापन:-

दिल्ली. MCX पर चांदी ने इतिहास रच दिया है. पहली बार चांदी की कीमत ₹3 लाख प्रति किलो के ऊपर पहुंच गई है. सिर्फ एक हफ्ते में करीब ₹35 हजार की तेजी दर्ज की गई है. बीते एक साल में चांदी ने निवेशकों को 45 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न दिया है.

कॉमेक्स मार्केट में चांदी 93 डॉलर प्रति औंस तक पहुंची और फिलहाल 88 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रही है.

यह तेजी सिर्फ सट्टेबाजी का नतीजा नहीं है. इसके पीछे मजबूत फंडामेंटल फैक्टर काम कर रहे हैं. इंडस्ट्रियल सेक्टर में चांदी की मांग तेजी से बढ़ रही है. AI टेक्नोलोजी इलेक्ट्रिक व्हीकल सोलर पैनल 5G नेटवर्क और इलेक्ट्रॉनिक्स में चांदी का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है. ग्रीन एनर्जी की ग्लोबल रेस ने भी चांदी की खपत को नई ऊंचाई दी है.

तेजी के पीछे सेफ हेवन फैक्टर

जियोपॉलिटिकल टेंशन खासकर ईरान से जुड़ी अनिश्चितता ने निवेशकों को सुरक्षित एसेट की तरफ मोड़ा है. कमजोर डॉलर और फेडरल रिजर्व की संभावित रेट कट पॉलिसी ने भी कीमती धातुओं को सपोर्ट दिया है. इसके साथ ही माइनिंग और रिफाइनिंग में सप्लाई की दिक्कतों ने कीमतों पर अतिरिक्त दबाव बनाया है.

गोल्ड सिल्वर रेश्यो क्या संकेत देता है

गोल्ड सिल्वर रेश्यो अभी करीब 80 के आसपास है. इसका मतलब चांदी अब भी गोल्ड के मुकाबले सस्ती मानी जा रही है. यही वजह है कि कई बड़े निवेशक गोल्ड से शिफ्ट होकर चांदी में पोजिशन बना रहे हैं. हालांकि तेज रैली के बाद कुछ सेशन में प्रॉफिट बुकिंग भी देखने को मिली है.

एक्सपर्ट्स की Buy Sell Hold रणनीति

प्रथमेश मल्ल्या (Prathamesh Mallya) का मानना है कि लॉन्ग टर्म में चांदी में Buy की रणनीति बेहतर है. इंडस्ट्रियल और ग्रीन एनर्जी डिमांड से मजबूत सपोर्ट बना रहेगा. शॉर्ट टर्म में हल्का कंसॉलिडेशन या करेक्शन संभव है.

प्रणव मेर (Pranav Mer) के मुताबिक तेज रैली के बाद Hold या आंशिक प्रॉफिट बुकिंग समझदारी होगी. $100 प्रति औंस के पास करेक्शन का रिस्क बढ़ सकता है.

विजय कुप्पा (Vijay Kuppa) का कहना है कि चांदी का स्ट्रक्चर लॉन्ग टर्म में पॉजिटिव है. ETF इनफ्लो सेंट्रल बैंक खरीद और इंडस्ट्रियल यूज से मजबूत बेस बना हुआ है.

MCX पर सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल

MCX पर ₹2.80 लाख से ₹2.85 लाख प्रति किलो मजबूत सपोर्ट जोन है. वहीं ₹3.10 लाख से ₹3.20 लाख रेजिस्टेंस जोन माना जा रहा है. अगर कॉमेक्स पर $100 का स्तर टूटता है तो आगे और तेजी की गुंजाइश बन सकती है.

निवेशकों के लिए क्या रणनीति सही

लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए चांदी की ग्रोथ स्टोरी मजबूत बनी हुई है. EV सोलर AI और ग्रीन एनर्जी सेक्टर आने वाले सालों में डिमांड को लगातार सपोर्ट करेंगे. शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को तेज तेजी के बाद रिस्क मैनेजमेंट और प्रॉफिट बुकिंग पर ध्यान देना चाहिए. फिजिकल चांदी सिल्वर ETF सिल्वर बीट्स और फ्यूचर्स के जरिए निवेश किया जा सकता है. निवेश से पहले अपने रिस्क प्रोफाइल का आकलन जरूरी है. MCX पर ₹3 लाख प्रति किलो का स्तर चांदी के लिए नया माइलस्टोन है. फंडामेंटल फैक्टर लॉन्ग टर्म में तेजी को सपोर्ट कर रहे हैं. लेकिन शॉर्ट टर्म में उतार चढ़ाव से इनकार नहीं किया जा सकता.