PM मोदी आज करेंगे नोएडा हवाई अड्डे का उद्घाटन, ये रहा मिनट टू मिनट प्लान! किसकी होगी नो एंट्री?
उत्तर प्रदेश के विकास में आज एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जेवर में स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) का औपचारिक उद्घाटन करेंगे
पीएम मोदी ने इस परियोजना को दिल्ली-एनसीआर की कनेक्टिविटी और व्यापार के लिए 'गेम चेंजर' बताया है।
इस एयरपोर्ट के शुरू होने से न केवल आईजीआई (IGI) हवाई अड्डे पर यात्रियों का दबाव कम होगा, बल्कि यह भारत के सबसे आधुनिक ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स में से एक के रूप में उभरेगा।
PM मोदी कितने बजे पहुंचेंगे जेवर एयरपोर्ट?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह करीब 10:30 से 11:30 बजे के बीच जेवर पहुंचेंगे। सुरक्षा के लिहाज से कार्यक्रम स्थल को किले में तब्दील कर दिया गया है। करीब 7000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है और 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद आयोजन की तैयारियों का जायजा लिया है। उद्घाटन समारोह में उन किसानों को विशेष सम्मान दिया जाएगा, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट के लिए अपनी जमीन दी है; उनके बैठने के लिए मंच के ठीक सामने विशेष व्यवस्था की गई है।
ट्रैफिक डायवर्जन: किसकी होगी 'नो एंट्री'?
आज उद्घाटन समारोह के मद्देनजर यातायात में बड़े बदलाव किए गए हैं। शनिवार सुबह 7 बजे से 11 बजे तक नोएडा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे पर भारी मालवाहक वाहनों (Trucks and Cargo vehicles) के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, यात्रियों की सुविधा के लिए आसपास के क्षेत्रों से करीब 2500 बसें लोगों को कार्यक्रम स्थल तक लाने के लिए लगाई गई हैं।
Noida Airport Phase 1 की लागत और क्षमता क्या है?
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले फेज का निर्माण पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत लगभग 11,200 करोड़ रुपये के निवेश से किया गया है। शुरुआती दौर में यह एयरपोर्ट हर साल 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने के लिए डिजाइन किया गया है। भविष्य में इसकी क्षमता को और अधिक बढ़ाते हुए सालाना 7 करोड़ यात्रियों तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। यह प्रोजेक्ट भारत के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकास कार्यों में से एक है।
Jewar Airport: जेवर एयरपोर्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर और रनवे की खासियत क्या है?
इस एयरपोर्ट पर 3,900 मीटर लंबा एक विशाल रनवे बनाया गया है, जो दुनिया के सबसे बड़े 'वाइड-बॉडी' विमानों को संभालने में सक्षम है। आधुनिक तकनीक से लैस यह हवाई अड्डा इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) और हाई-टेक एयरफील्ड लाइटिंग से युक्त है, जो खराब मौसम में भी 24 घंटे उड़ानों के संचालन में मदद करेगा। इसके अलावा, यहाँ माल ढुलाई के लिए एक एकीकृत कार्गो टर्मिनल भी बनाया गया है, जिसकी सालाना क्षमता शुरुआती तौर पर 2.5 लाख मीट्रिक टन होगी।
क्या जेवर एयरपोर्ट पर विमानों की मरम्मत की सुविधा भी होगी?
जी हां, इस प्रोजेक्ट के हिस्से के रूप में 40 एकड़ में फैला एक विशेष मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल (MRO) केंद्र भी बनाया गया है। यह सुविधा न केवल भारत के लिए बल्कि अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों के लिए भी महत्वपूर्ण होगी, जहाँ विमानों की मरम्मत और रखरखाव का काम आधुनिक तकनीकों के साथ किया जा सकेगा।
जेवर एयरपोर्ट से उद्योगों और कार्गो को क्या लाभ होगा?
यह एयरपोर्ट सिर्फ यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार के लिए भी मील का पत्थर साबित होगा। पीएम मोदी के अनुसार, यहां बना 80 एकड़ का मल्टी-मॉडल कार्गो हब विनिर्माण केंद्रों (Manufacturing Hubs) को सीधी कनेक्टिविटी देगा। इससे आयात-निर्यात को गति मिलेगी और क्षेत्र के उद्योगों को वैश्विक पहचान मिलेगी।
क्या हैं इस एयरपोर्ट की डिजिटल और आधुनिक सुविधाएं?
नोएडा एयरपोर्ट को आधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। यहां 'डिजीयात्रा' (DigiYatra) के माध्यम से पेपरलेस और बायोमेट्रिक एंट्री की सुविधा मिलेगी। इसके लिए एमाडेस कंपनी के साथ करार किया गया है। साथ ही, एयरपोर्ट को आधिकारिक आईएटीए कोड 'DXN' मिल चुका है और इंडिगो व अकासा जैसी बड़ी एयरलाइंस के साथ पहले ही समझौते हो चुके हैं।
Noida International Airport : 2001 से 2026 तक की टाइमलाइन
नीचे देखें इस महापरियोजना के शुरू होने से उद्घाटन तक का पूरा घटनाक्रम:
- साल 2001: तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने जेवर एयरपोर्ट का सपना देखा।
- 29 नवंबर 2019: स्विट्जरलैंड की ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी को निर्माण का टेंडर मिला।
- 18 दिसंबर 2020: 'नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट' नाम और लोगो फाइनल हुआ।
- 25 नवंबर 2021: पीएम मोदी ने एयरपोर्ट की आधारशिला (शिलान्यास) रखी।
- 3 जून 2022: टाटा प्रोजेक्ट्स को निर्माण का जिम्मा (EPC ठेकेदार) मिला।
- 27 सितंबर 2023: आईएटीए (IATA) ने एयरपोर्ट को 'DXN' कोड दिया।
- 9 दिसंबर 2024: रनवे पर इंडिगो की पहली टेस्टिंग फ्लाइट सफलतापूर्वक उतरी।
- 5 मार्च 2026: नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) से सुरक्षा क्लीयरेंस मिला।
- 6 मार्च 2026: एयरपोर्ट को परिचालन के लिए आधिकारिक लाइसेंस प्रदान किया गया।
- 28 मार्च 2026 (आज): प्रधानमंत्री मोदी द्वारा हवाई अड्डे का भव्य उद्घाटन।

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