रायबरेली- एसएसआई के और भी है कई किस्से जाने क्या,,,?

रायबरेली- एसएसआई के और भी है कई किस्से जाने क्या,,,?

-:विज्ञापन:-



      रिपोर्ट-सागर तिवारी

ऊंचाहार-रायबरेली-कोतवाली के एसएसआई का महिला के साथ छेड़छाड़ केवल कहानी नहीं है , पुलिस की वर्दी में उनके कई कारनामे क्षेत्र में चर्चित रहे हैं । लोकसभा चुनाव के दौरान कहीं पार्टी बने तो कहीं एक पक्ष बनकर ऐसा खेल खेला है कि पुलिस की छवि तार तार हुई है । चंद रुपयों की खातिर कानून को तोड़ा तो लिखित आख्या में अपराध को शांतिपूर्ण घटना बताकर खुद अपराधी के साथ खड़े हुए है ।
      ज्ञात हो कि ऊंचाहार कोतवाली में तैनात एसएसआई इस समय अपनी हरकत के कारण पुलिस महकमे में चर्चा का केंद्र बने हुए है । क्षेत्र के पट्टी रहस कैथवल गांव की एक महिला ने उन पर घर का दरवाजा जोड़कर जबरन खुसने वा छेड़छाड़ का आरोप लगाया है । पीड़िता ने कहा कि उसके घर में जबरन घुसे एसएसआई ने उसे देखकर अपना आपा खो दिया और उसके साथ छेड़छाड़ की । वह चीखी चिल्लाई तो एसएसआई और उनके साथ आए दो सिपाही मौके से भाग गए । पीड़िता ने कोर्ट में अर्जी देकर प्राथमिकी दर्ज करके एसएसआई  के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है । इस घटना के बाद एसएसआई के कई कारनामे सिलसिलेवार सामने आ रहे हैं । अपनी कड़े रुख के लिए पूरे क्षेत्र में मशहूर एसएसआई ने कई अन्य मामलों में नियम कानून को ताक पर रख दिया है । अपराधिक घटनाओं में उन्होंने ऐसा हास्यास्पद आख्या लगाई कि खुद सवाल के घेरे में खड़े हो गए है । पट्टी रहस कैथवल  गांव में ही ललित कुमार के घर में कुछ माह पूर्व आगजनी की घटना में वह जांच अधिकारी थे । उन्होंने अपनी आख्या में लिखा है कि दो पक्षों में विवाद में एक पक्ष द्वारा शांतिपूर्ण विरोध के क्रम में आग लगाकर दूसरे पक्ष का छप्पर जलाया गया था । आश्चर्य है कि इनकी नजर में आगजनी की घटना एक शांतिपूर्ण विरोध है । जांच आख्या यह साबित करती है कि यह जांच अधिकारी किस तरह से अपराधियों के साथ खड़े है । अब देखना यह उच्च अधिकारी इन मामलों में क्या निर्णय लेते है यह कभी गर्भ में है।