रायबरेली-हटवा गांव के गुल्ला तालाब में गहरे खनन के कारण विद्युत लाइन ध्वस्त होने के कगार पर

रायबरेली-हटवा गांव के गुल्ला तालाब में गहरे खनन के कारण विद्युत लाइन ध्वस्त होने के कगार पर

-:विज्ञापन:-


         रिपोर्ट-सागर तिवारी

- गंगा एक्सप्रेस वे के मिट्टी खनन ठेकेदार का कारनामा 

ऊंचाहार-रायबरेली -निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेस वे में मिट्टी का खनन कर रहे ठेकेदारों ने पूरे क्षेत्र में तबाही मचा रखी है । अवैध रूप से नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे अवैध खनन में पेड़ पौधे ,वन संपदा , कृषि भूमि के साथ अब विद्युत लाइनों के लिए भी खतरा पैदा हो गया है । 
      मामला क्षेत्र के हटवा गांव का है । इस गांव से लेकर सवैया हसन गांव तक करीब तीन किमी लम्बा 54 बीघे का तालाब गंगा एक्सप्रेस वे के ठेकेदार ने खोद डाला है । 14 बीघे के तालाब खोदाई की अनुमति लेकर 54 बीघे का तालाब खोदा गया है । मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए बीस फिट गहरा तालाब खोद दिए जाने के कारण आसपास की कृषि योग्य भूमि , पास के बागों में खड़े फलदार पेड़ , अन्य वन्य संपदा के साथ साथ ग्रामीण जीवन और अन्य जीवों के लिए भी भारी खतरा बन गया है । इस तालाब के पास से निकली एचटी लाइन  की विद्युत खंभों पर पर अब खतरा बन गया है।  काफी लंबी विद्युत लाइन के पोल के पास बीस फिट की गहराई से अधिक का खनन किया गया है । बरसात के दिनों में जब जल का प्रवाह इन गहरे कुआं जैसे गड्ढों की ओर होगा तो जल के साथ मिट्टी का बहाव भी होगा । जिससे लक्ष्मीगंज फीडर की पूरी लाइन ध्वस्त हो जायेगी । ऐसी दशा में लाखों की आबादी की विद्युत आपूर्ति बाधित होगी । चूंकि काफी लंबाई की लाइन ध्वस्त होगी इसलिए इसकी तत्काल मरम्मत भी संभव नहीं हो पाएगी । ऐसी दशा में क्षेत्र में बड़ा विद्युत संकट पैदा होगा और कानून व्यवस्था की भी समस्या हो सकती है ।