रायबरेली-ऊंचाहार में हरे आम के पेड़ पर चला आरा, वीडियो वायरल होने पर वन विभाग में हड़कंप,,,

रायबरेली-ऊंचाहार में हरे आम के पेड़ पर चला आरा, वीडियो वायरल होने पर वन विभाग में हड़कंप,,,

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 रिपोर्ट-सागर तिवारी 

- ग्रामीण करते रहे फोन नहीं सनके  जिम्मेदार, बोले 112 डायल करों,,,? 


रायबरेली/ऊंचाहार:शासन द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाए जा रहे तमाम अभियानों के बावजूद ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र में लकड़ी माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। यहाँ प्रतिबंधों को दरकिनार कर हरे पेड़ों का कटान धड़ल्ले से जारी है। ताजा मामला फरीदपुर गांव का है, जहां बुधवार को एक ठेकेदार द्वारा हरे और फलदार आम के पेड़ को अवैध रूप से काटकर धराशायी कर दिया गया।
घटनाक्रम के अनुसार, बुधवार को फरीदपुर गांव में ठेकेदार ने बिना किसी डर के प्रतिबंधित हरे आम के पेड़ पर आरी चलवा दी। इसी दौरान वहां मौजूद किसी जागरूक नागरिक ने पहले पुलिस को फोन किया किसी के ना आने पर पेड़ काटते हुए वीडियो बना लिया और उसे इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर दिया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही स्थानीय प्रशासन और वन विभाग में हड़कंप मच गया। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह एक जीवित वृक्ष को नष्ट किया गया है।
मामले के तूल पकड़ने पर वन विभाग के अधिकारी हरकत में आए। इस संबंध में वन दरोगा दिनेश चन्द्र गुप्ता ने बताया कि वायरल वीडियो और ग्रामीणों के माध्यम से उन्हें मामले की जानकारी मिली है। उन्होंने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कृत्य पूरी तरह से अवैध है। वन दरोगा ने स्पष्ट किया कि दोषी ठेकेदार के विरुद्ध 'उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम 1976' की सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। वन विभाग का कहना है कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

 क्या कहते हैं ग्रामीण,,,,,

 वन रक्षक प्रदीप सिंह की तैनाती के बाद से इलाके में अवैध कटान तेजी से बढ़ गया है। सूचना देने के बावजूद वन रक्षक कार्रवाई करने में आनाकानी कर रहे हैं, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने उच्चाधिकारियों से जांच की मांग की है।