रायबरेली-और कितनी जिंदगियां लेंगे एनटीपीसी के राख ढोने वाले ओवर लोड टैंकर

रायबरेली-और कितनी जिंदगियां लेंगे एनटीपीसी के राख ढोने वाले ओवर लोड टैंकर

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   रिपोर्ट-सागर तिवारी

ऊंचाहार-रायबरेली - एनटीपीसी से राख ढोने वाले ओवर लोड टैंकरों पर किसी का अंकुश नहीं है । अब तक सौ से अधिक लोगों को असमय मौत के मुंह में भेज चुके इन टैंकरों को साक्षात यमदूत मान लिया गया है । 
     एनटीपीसी की ऊंचाहार परियोजना से निकलने वाली राख विभिन्न क्षेत्र में स्थित सीमेंट कंपनियों को भेजी जा रही है। यहां से टैंकर ओवर लोड होकर सड़क पर मौत का नृत्य करते हुए निकलते हैं  इन पर कोई नियम लागू नहीं है  परिवहन विभाग के अधिकारियों के सामने भी यह बेखौफ होकर सड़क को रौंदते हुए आगे बढ़ते हैं। हालत यह है कि टैंकरों के ऊपर बिना तिरपाल लगाएं यह सड़क पर बेतहाशा राख की धुंध उड़ेलते रहते हैं। हालात यह है कि यह जिस राह से गुजरते हैं, वहां धुंध छा जाती है। राख के सूक्ष्म कण लोगों के आंखों में घुसती है, बीमारियां पैदा करती है ,लेकिन इन पर कोई अंकुश नहीं है ।जनता का विरोध भी उनके लिए कोई मायने नहीं रखता। बात 1995 - 96 की है। क्षेत्र के बहेरवा बाजार के पास इन टैंकरों ने दो बच्चों को रौंद कर मार दिया था ।उसके बाद जनता का गुस्सा फूटा और लोगों ने पांच टैंकरों को आग लगा दी थी। इतने बड़े हादसे के बावजूद आज तक इसमें कोई सुधार नहीं हुआ है ।यह आज भी सड़क पर मौत का नृत्य करते हुए चलते हैं। इस मामले में न सिर्फ राज्य सरकार के अधीन उप संभागीय अधिकारी गंभीर हैं और ना ही एनटीपीसी के जिम्मेदार अधिकारी। कुल मिलाकर अगर इसे बचाना है तो आपको उनके सामने सड़क मार्ग को त्यागना होगा।