रायबरेली-फाग, अबीर और भक्ति के रंगों में सराबोर हुआ पूरे भोला मजरा तेरुखा का होली मिलन समारोह

रायबरेली-फाग, अबीर और भक्ति के रंगों में सराबोर हुआ पूरे भोला मजरा तेरुखा का होली मिलन समारोह

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)
मो-8573856824

रायबरेली- जनपद के पूरे भोला मजरा तेरुखा में आयोजित होली मिलन समारोह हर्षोल्लास और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान भोलेनाथ व राधा-रानी की वंदना से हुई, जिसके बाद पारंपरिक फाग गायन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय और रंगमय बना दिया।
ढोलक, झांझ और मंजीरे की ताल पर फाग मंडली ने राधा-कृष्ण की रासलीला और भोलेनाथ की महिमा पर आधारित मनमोहक फाग गीत प्रस्तुत किए। अबीर-गुलाल के बीच लोगों ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं देकर प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया।
कार्यक्रम के प्रमुख आयोजक देवीदर्शन त्रिवेदी (लाला), सुरेश त्रिपाठी, गोकरण त्रिवेदी, गोरीशंकर त्रिवेदी, उमाशंकर त्रिवेदी व अमरेश त्रिपाठी रहे।
इस अवसर पर देवीदर्शन त्रिवेदी (लाला) ने कहा कि होली का पर्व आपसी प्रेम, सौहार्द और भारतीय संस्कृति को मजबूत करने का संदेश देता है। सुरेश त्रिपाठी ने कहा कि फाग गायन हमारी लोक परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है। गोकरण त्रिवेदी ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन गांव में भाईचारा और सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं।
वहीं महेश त्रिपाठी ने कहा कि होली का यह आयोजन वर्षों से गांव की सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा रहा है। ऐसे कार्यक्रम लोगों को जोड़ने के साथ-साथ हमारी लोक परंपराओं को जीवित रखने का कार्य करते हैं और समाज में प्रेम व सौहार्द का वातावरण बनाते हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में लाला पंडित गौरी शंकर त्रिपाठी सहित अनेक लोगों का सहयोग रहा। सहयोगियों में श्रीराम द्विवेदी, उमानाथ द्विवेदी, रमाकांत द्विवेदी, इन्द्रकुमार द्विवेदी, श्रीकांत द्विवेदी, कमल द्विवेदी, आयुष द्विवेदी, सुरेश कुमार तिवारी, राम बहादुर द्विवेदी, शारदा शंकर त्रिपाठी, कमला शंकर त्रिपाठी, राजा त्रिपाठी, रमाशंकर त्रिपाठी, गणेश प्रसाद शर्मा, महेंद्र यादव, दुर्गा शर्मा, सुनील शर्मा, कालिका शंकर द्विवेदी, लल्लेश्वर द्विवेदी, करुणा शंकर द्विवेदी, सतीश शुक्ल, दुर्गा शंकर त्रिपाठी, आशाराम त्रिपाठी, रंजन बाजपेयी, नवलकिशोर शुक्ल, केशव प्रसाद शुक्ल, राजकिशोर यादव, रामशरण, कोशल, रमेश, सत्यदेव, श्यामलाल कैलाश, सोहनलाल, शिवशंकर, हरीशंकर, रामवचन, राजू विश्वकर्मा, मदन मोहन तिवारी समेत समस्त फाग मंडल का विशेष योगदान रहा।