रायबरेली-ऊंचाहार में कड़ाके की ठंड में 'गर्माहट' का साथ: खालिकपुर कला में 200 बुजुर्गों को मिले कंबल,,,,

रायबरेली-ऊंचाहार में कड़ाके की ठंड में 'गर्माहट' का साथ: खालिकपुर कला में 200 बुजुर्गों को मिले कंबल,,,,

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   रिपोर्ट-सागर तिवारी 


​ऊंचाहार, रायबरेली। भीषण शीतलहर और कड़ाके की ठंड के बीच ऊंचाहार के ग्राम खालिकपुर कला में मानवता की मिसाल पेश की गई। गुरुवार को गांव में आयोजित एक विशेष सेवा शिविर में जब जरूरतमंदों के कंधों पर ऊनी कंबल ओढ़ाए गए, तो कड़कड़ाती ठंड में उनके चेहरों पर सुकून की मुस्कान तैर गई।
​परंपरा और सेवा का संगम हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी ग्राम प्रधान प्रदीप मौर्य के नेतृत्व में यह कंबल वितरण कार्यक्रम संपन्न हुआ। कड़ाके की धूप न निकलने और गिरते पारे के बीच, इस पहल ने गांव के लगभग 200 बुजुर्गों, विधवा महिलाओं और गरीब परिवारों को राहत की संजीवनी प्रदान की। कंबल पाकर बुजुर्गों ने नम आंखों से आशीर्वाद दिया।
​"नर सेवा ही नारायण सेवा" इस अवसर पर ग्राम प्रधान प्रदीप मौर्य ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा, "समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की मदद करना ही हमारा सबसे बड़ा धर्म है। यह कोई दान नहीं, बल्कि अपनी माटी और अपनों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है।" उन्होंने संकल्प जताया कि क्षेत्र के विकास के साथ-साथ ऐसे जनसेवी कार्य भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे।
​गांव में चर्चा का विषय ग्राम प्रधान की इस संवेदनशील पहल की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जहां लोग अपने घरों में दुबके हैं, वहीं प्रधान द्वारा घर-परिवार की तरह सुध लेना मानवता का उत्कृष्ट उदाहरण है।