रायबरेली-आईजीआरएस पर दरोगा ने लिखा अपराध तो हुआ किंतु शांतिपूर्ण , इसलिए कार्रवाई की जरूरत नहीं,,,,

रायबरेली-आईजीआरएस पर दरोगा ने लिखा अपराध तो हुआ किंतु शांतिपूर्ण , इसलिए कार्रवाई की जरूरत नहीं,,,,

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रिपोर्ट-सागर तिवारी

- हास्यास्पद जांच आख्या से विभाग में मचा तहलका 


ऊंचाहार-रायबरेली -पीड़ितों की ऑनलाइन शिकायत को लेकर शासन गंभीर है , किंतु जिम्मेदार अधिकारी मनमानी पर उतारू हैं। क्षेत्र में हुए अग्निकांड के मामले में कार्रवाई करने के स्थान पर ऊंचाहार कोतवाली के एसएसआई ने आईजीआरएस के पोर्टल पर बड़ी हास्यास्पद रिपोर्ट लगा दी । अब पीड़ित ने एसएसआई की आख्या रिपोर्ट के आधार पर उसके विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है ।
        मामला कोतवाली क्षेत्र के गांव पट्टी रहस कैथवल का है । गांव के निवासी ललित कुमार ने प्रदेश सरकार के आईजीआरएस पर यह शिकायत की थी कि उसके दरवाजे के सामने स्थित छप्पर में गांव के कुछ लोगों ने आग लगा दी है । उसके बाद जब उसने इस स्थान पर टीन शेड रखा तो विपक्षियों ने उसे भी गिरा दिया । इस प्रकरण की जांच ऊंचाहार कोतवाली के एसएसआई को सौंपी गई । एसएसआई ने जांच आख्या में बड़ी हास्यास्पद रिपोर्ट लगाई है । एसएसआई ने एक तरफ तो स्वीकार किया कि शिकायत कर्ता के छप्पर में आग लगाई गई , किंतु दूसरी ओर यह भी लिख रहे है कि विपक्षी शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे है । यहां सवाल यह उठता है कि छप्पर में आग लगाना क्या शांतिपूर्ण विरोध है ? एसएसआई की यह आख्या रिपोर्ट पुलिस विभाग में चर्चा का विषय बनी हुई है । एसएसआई एक ओ अपराध होना भी स्वीकार करते हैं , दूसरी ओर अपराधी को क्लीन चिट भी दे रहे है । इस पूरे प्रकरण को लेकर पीड़ित ने डीएम और एसपी से पुनः शिकायत की है । जिसमें उसने एसएसआई की जांच आख्या के अवलोकन के साथ उनकी इस मामले में भूमिका की जांच और विभागीय कार्रवाई मांग की है।