Raibareli-अस्पताल संचालक पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज

Raibareli-अस्पताल संचालक पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)

मो-8573856824


रायबरेली-हरचंदपुर स्थित उपमा सरजूरानी पॉलिक्लिनिक में ऑपरेशन से प्रसव के बाद नवजात की मौत के मामले में पुलिस ने अस्पताल संचालक नीरज श्रीवास्तव के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

सोमवार को पॉलिक्लिनिक में विशाखा (25) पत्नी आनंद मोहन श्रीवास्तव का सिजेरियन प्रसव किया गया। प्रसव के बाद नवजात की मौत हो गई। हंगामे के बाद पुलिस ने नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, लेकिन तहरीर मिलने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। सोमवार देर शाम परिवार के लोग धरने पर बैठ गए, जिसके बाद हरचंदपुर पुलिस ने हॉस्पिटल संचालक नीरज श्रीवास्तव के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज किया।
मंगलवार को एसीएमओ डॉ. अरविंद कुमार, हरचंदपुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजीव गौतम, ब्लॉक मिशन प्रबंधक आरती सिंह की टीम ने अस्पताल पहुंचकर जांच की। प्रसूता के इलाज से संबंधित सभी दस्तावेज गायब मिले। नर्स प्रियांशी ने भी गोलमोल जवाब दिया। संचालक व कोई डॉक्टर अस्पताल में नहीं मिले। ऑक्सीजन सिलेंडर व दवाएं मिलीं। आरोप है कि दवाएं सरकारी आपूर्ति की हैं। एसीएमओ ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सीएमओ को सौंपी है। 

शासन ने तलब की फर्जी डॉक्टर के ऑपरेशन की रिपोर्ट
हरचंदपुर के निजी अस्पताल में अवैध रूप से फर्जी सर्जन की ओर से सिजेरियन प्रसव के मामले को शासन ने गंभीरता से लिया है। अमर उजाला ने लखनऊ में भी 23 अप्रैल के अंक में इस खबर को प्रथम पेज पर प्रमुखता से प्रकाशित किया। स्वास्थ्य महानिदेशक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ से पूरी रिपोर्ट तलब की। सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। जांच रिपोर्ट जल्द शासन को भेजी जाएगी।
सर्जन न ऑपरेशन का लाइसेंस, फर्जी डॉक्टर बन दंपती कर रहे काम
रायबरेली। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की मिली भगत से जिले में इलाज का अवैध कारोबार फल फूल रहा है। हरचंदपुर में पांच बेड के अस्पताल का लाइसेंस लेकर उपमा सरजूरानी पॉलिक्लिनिक में अवैध रूप से मरीजों की सर्जरी की जा रही थी। अस्पताल में न तो कोई सर्जन है न ही सर्जरी का लाइसेंस है। लेकिन अस्पताल संचालक एवं ओटी टेक्नीशियन नीरज श्रीवास्तव और उनकी नर्स पत्नी प्रियांशी करीब 11 महीने से से गोरखधंधा चला रहे थे। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने प्रारंभिक जांच में गंभीर अनियमितता मिलने पर पॉलिक्लिनिक का पंजीयन निलंबित किया है और संचालक को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।

 नीरज श्रीवास्वत ने 31 मई 2023 को पांच बेड के अस्पताल में मरीजों को भर्ती कर इलाज करने का लाइसेंस लिया था। इस अस्पताल में एमबीबीएस डॉ. हरेद्र सिंह और डॉ. समर सिंह का नाम अंकित किया गया है, लेकिन दोनों चिकित्सक अस्पताल नहीं आते हैं। हरचंदपुर गांव निवासी आनंद मोहन श्रीवास्तव ने बीते रविवार की रात पत्नी विशाखा को प्रसव के लिए भर्ती कराया था। अस्पताल के संचालक नीरज श्रीवास्तव व उसकी पत्नी प्रियांशी ने सिजेरियन प्रसव का दबाव बनाया। रुपये वसूलने के बाद नीरज ने ही ऑपरेशन कर डाला। इसके बाद नवजात की मौत हो गई। प्रसूता गंभीर हालत में भर्ती है।

बताया जाता है कि नीरज श्रीवास्तव और उनकी पत्नी प्रियांशी मरीजों का ऑपरेशन करके रुपये ऐंठने का काम करते हैं। मंगलवार को जांच में खुलासा हो गया कि पॉलिक्लिनिक में बिना ऑपरेशन के लाइसेंस के ही अवैध रूप से मरीजों की सर्जरी की जा रही थी।
मसला नया नहीं, पहले भी केस हुए, अफसरों ने दबाए
शहर के कई अन्य निजी अस्पतालों में भी इलाज के दौरान मरीजों की जान चली गई। लेकिन अधिकारियों ने जांच के नाम पर मामलों को रफा-दफा कर दिया। शहर के फीनिक्स हॉस्पिटल, सैनिक हॉस्पिटल, शर्मा नर्सिंग होम सहित कई अस्पतालों के खिलाफ जांच हुई। चर्चा है कि अधिकारियों ने सभी मामलों में क्लीनचिट दे दी है। ऐसे में पीड़ित मरीज व उनके तीमारदार हाथ मलतेरह जाते हैं।

वही  सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया है कि उपमा सरजूरानी पाली क्लीनिक हरचंदपुर को ऑपरेशन करने का लाइसेंस नहीं दिया गया था। पांच बेड अस्पताल में सिर्फ मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था दी गई थी। पंजीयन को निलंबित कर दिया गया है। पीड़ित की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। जांच पूरी होने के बाद और कार्रवाई की जाएगी।