रायबरेली-PWD के अधिकारी बृजेश यादव के दावों पर सवाल! धरातल पर निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठे सवाल

रायबरेली-PWD के अधिकारी बृजेश यादव के दावों पर सवाल! धरातल पर निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठे सवाल

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)

मो-8573856824

रायबरेली-डलमऊ से घुरवारा तक नाला निर्माण में मानकों की अनदेखी का आरोप, सड़क पर बिखरी गिट्टी-मौरंग से राहगीर परेशान

स्थानीय लोगो ने नाला निर्माण लगाए गंभीर आरोप

रायबरेली- डलमऊ से घुरवारा बाजार तक लोक निर्माण विभाग (PWD) की ओर से कराए जा रहे नाला निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। वहीं, विभागीय अधिकारी बृजेश यादव का कहना है कि निर्माण कार्य में व्यवस्थाएं बेहतर हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि विभागीय दावों और मौके की स्थिति का मिलान कौन करेगा?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाला निर्माण में इस्तेमाल की जा रही ईंट, सीमेंट, गिट्टी, मौरंग और लोहे के जाल की गुणवत्ता की तकनीकी जांच होनी चाहिए। लोगों ने निर्माण कार्य की निगरानी और निर्धारित मानकों के पालन को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सरकारी धन से हो रहे निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करना विभाग की जिम्मेदारी है।
सड़क पर निर्माण सामग्री, आवागमन में परेशानी
नाला निर्माण के चलते सड़क किनारे गिट्टी-मौरंग बिखरी पड़ी है। कई स्थानों पर अधूरी ईंटें और निर्माण सामग्री राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं। धूल-मिट्टी के कारण आसपास के लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने निर्माण सामग्री व्यवस्थित कराने और आवागमन सुचारु रखने की मांग की है।

बृजेश यादव ने बताया व्यवस्थाएं बेहतर, उठे जांच के सवाल

मामले में PWD अधिकारी बृजेश यादव से बातचीत की गई तो उन्होंने निर्माण कार्य की व्यवस्थाओं को बेहतर बताया। हालांकि, स्थानीय लोगों की ओर से मानकों की अनदेखी के आरोप लगाए जा रहे हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या निर्माण कार्य की मौके पर तकनीकी जांच कराई जाएगी? क्या इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों की पुष्टि होगी? यदि जांच में कोई अनियमितता सामने आती है, तो क्या संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी?
फिलहाल, निर्माण कार्य को लेकर विभागीय दावे और स्थानीय लोगों की शिकायतें आमने-सामने हैं। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग मौके पर जांच कराकर स्थिति स्पष्ट करता है या मामला आरोप-प्रत्यारोप तक ही सीमित रहता है।