रायबरेली-एक दूसरे का सहारा बनना ही मानव कर्म - बसंत सिंह

रायबरेली-एक दूसरे का सहारा बनना ही मानव कर्म - बसंत सिंह

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      रिपोर्ट-सागर तिवारी 

ऊंचाहार - रायबरेली -सन्त निरंकारी मिशन ब्रांच जगतपुर की तरफ से ऊंचाहार के  जमुनापुर ब् में सत्संग  कार्यक्रम आयोजित किया गया। सत्संग की अध्यक्षता करते हुए महात्मा बसन्त सिंह  ने कहा सन्त महापुरुषों ने हमेशा से मानव जीवन की विचारधारा को बदलने का ही कार्य किया हैं और आज भी यही संदेश दिया जा रहा है  मानव का जन्म मिला है तो कर्म भी मानवता वाले बनाने हैं।
      उन्होंने कहा कि एक दूसरे को सहारा देने वाला बनना है ।एक दूसरे के काम बनाने वाला बना है। काम बिगड़ने वाला नहीं बनना है ।एक दूसरे की परेशानी दूर करने वाला बनना है ।यह सोच, विचारधारा तभी मुमकिन है जब हमारे मनो से द्वैत के भाव मिट जाएंगे पराये पन के भाव मिट जायेंगे। निरंकारी सद्गुरू निरंकार का बोध कराके एक का ज्ञान देकर एक बना रहे हैं हम सभी शरीर रूप में भले ही अलग-अलग बने हुए हैं ,लेकिन हम सभी को चलने वाली शक्ति आत्मा सभी में एक ही रूप में व्याप्त है, परमात्मा एक है, तो आत्मा भी एक ही है। अलग-अलग आत्मा नहीं है। जब यह ज्ञान हमारे जीवन में उतर आता है ,तो फिर हम सभी से प्यार कर पाते हैं फिर एकत्व और अपनत्व वाले भाव मन में बन जाते हैं यह मनुष्य जन्म धर्म ग्रंथों में कितना दुर्लभ कहा गया है कि बड़े भाग्य से मनुष्य योनि मिलती है इस लिए सन्तजन कहते हैं । मनुष्य योनि को सफल बनाने के लिए  इस प्रभु परमात्मा का ज्ञान होना ज़रूरी हैं ।इस आत्मा का कल्याण करने के लिए अपने आपकी पहचान करना ज़रूरी है। आज सत्गुरु एक निरंकार सर्वव्यापी सर्व समर्थवान प्रभु परमात्मा का ज्ञान देकर मन का नाता इससे जोड़ रहा है ।सन्त जन इसका अहसास करते हुए सभी के साथ प्यार,मिलवर्तन और भाईचारे के साथ जीवन जीते हैं और मानवीय गुणों के साथ मानव जीवन को सफल बनाते हैं। इस मौके पर ब्रांच प्रबन्धक ज्ञान प्रचारक महात्मा बसन्त लाल  ने सभी का धन्यवाद किया। सत्संग में महत्मा राम नाथ जी,राम सुमेर जी, बाबूलाल जी, संजय कुमार जी, शत्रोहन जी ,राम फेर ,छोटे लाल जी और बहनें कर्मा वती जी, रेखा जी,राजवती जी सोनाली जी आदि समस्त साध संगत मौजूद रही।