रायबरेली-अचानक लगी आग से दो घरों की गृहस्ती स्वाहा , बुझाने में चार लोग झुलसे,,,

रायबरेली-अचानक लगी आग से दो घरों की गृहस्ती स्वाहा , बुझाने में चार लोग झुलसे,,,

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 रिपोर्ट-सागर तिवारी

ऊंचाहार -रायबरेली - रविवार की दोपहर क्षेत्र के गांव पूरे छेदी मजरे कोटिया चित्रा में अचानक आग लग गई । आग से दो घरों की गृहस्ती जलकर राख हो गई है । आग बुझाने में चार ग्रामीण झुलस गए हैं। उन्हे सीएचसी में भर्ती कराया गया है।
        यह घटना रविवार दोपहर करीब एक बजे हुई है । पूरे छेदी गांव निवासी श्यामलाल के घर में अचानक अज्ञात कारणों से आग लग गई । उस समय घर के लोग बाहर दरवाजे पर थे । घर से जब तेज धुंआ बाहर निकला तब परिजनों और ग्रामीणों को जानकारी हुई । तेज चल रही पछुआ हवाओं ने आग में घी का काम किया और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया । ग्रामीणों ने मिलकर आग बुझाने की कोशिश शुरू की और इस बीच दमकल की गाड़ी के लिए भी फोन कर दिया गया। इस बीच आग ने बढ़कर पड़ोस के रज्जू के घर को भी अपनी आगोश में ले लिया । काफी मशक्कत के बाद किसी तरह ग्रामीणों ने आग पर काबू पा लिया , जिससे आग आगे नही बढ़ पाई है । किंतु इस बीच आग बुझाने में श्यामलाल की बेटी रूबी और बेटा रावेंद्र कुमार तथा गांव के विजय कुमार तथा दिलीप कुमार गंभीर रूप से झुलस गए । सूचना पाकर गांव पहुंची दो एंबुलेंस द्वारा झुलसे हुए चारो लोगों को सीएचसी लाया गया । कहां उनका उपचार किया जा रहा है । ग्राम प्रधान नरेंद्र यादव ने बताया कि आग से दो घर जल गए है , और चार लोग झुलसे है । पीड़ित परिवारों को मदद के लिए राजस्व विभाग को सूचना दी गई है । निजी तौर पर घायलों का इलाज कराया जा रहा है 

*अंत तक नहीं पहुंची दमकल*

छेदी का पुरवा गांव में आग लगते ही सबसे पहले ग्रामीणों ने दमकल विभाग को फोन पर सूचना दी थी । उसके बाद ग्रामीण आग बुझाने में लग गए । घंटों की मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग को नियंत्रित कर लिया , किंतु दमकल की कोई गाड़ी अंत तक गांव नहीं पहुंची और न ही दमकल विभाग से ग्रामीणों से कोई संपर्क किया गया ।


*निगोहा गांव में चार बीघे फसल जली*

ऊंचाहार क्षेत्र के निगोहा गांव में रविवार की दोपहर अचानक आग लग गई । जिससे खेतों में खड़ी चार बीघे गेहूं की फसल जलकर राख हो गई है । बताया जाता है कि दोपहर बाद करीब दो बजे गांव से बाहर एक खेत में अचानक आग लग गई । आग ने जब बड़ा रूप धारण किया तब ग्रामीणों को जानकारी हुई । इसके बाद ग्रामीणों ने मिलकर किसी तरह आग पर काबू पाया । तब तक गांव के सुखलाल , देवता दीन, साजनलाल और रमेश चंद्र की चार बीघे गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख हो चुकी थी ।