रायबरेली-गंगा एक्सप्रेस-वे पर मिट्टी डालने के लिए खोद दिए मौत के कुएं

रायबरेली-गंगा एक्सप्रेस-वे पर मिट्टी डालने के लिए खोद दिए मौत के कुएं

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    रिपोर्ट-सागर तिवारी



ऊंचाहार -रायबरेली-गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए मानकों के विपरीत की गई मिट्टी खोदाई के दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं। अब बरसात के मौसम में किसानों को और ज्यादा दिक्कत होगी। जिन किसानों के खेतों में या उनके नजदीक खेतों में मिट्टी खोदी गई, अब वहां मौत के कुएं बन गए हैं। हर समय किसानों पर खतरा मंडरा रहा है। उनके परिवार और खासकर बच्चों को यह गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं।
     मेरठ से प्रयागराज तक बन रहा गंगा एक्सप्रेस-वे तहसील क्षेत्र के कई दर्जन गांवों  से होकर गुजर रहा है। अभी भी इस पर मिट्टी डालने का काम चल रहा है। शुरुआती दौर में सभी  क्षेत्रों में बिना मानक के मिट्टी खोदने के मामले सामने आए थे। कई इलाके में किसानों ने इसका विरोध किया था। किसानों का कहना था कि उन्हें करीब छह फुट गहराई तक मिट्टी उठाने को कहा गया है, लेकिन 15 से 20 फुट गहराई तक मिट्टी खोदी जा रही है। इसकी शिकायत एसडीएम से लेकर आला अफसरों तक की गई , किंतु जिम्मेदार आंख बंद किए है । क्षेत्र के हटवा , शहजादपुर , लक्ष्मीगंज , मिर्जापुर ऐहारी , डिहवा सरगपुर , उमरन समेत दर्जनों गांवों में अवैध रूप से मानक से अधिक खोदाई करके गांवों के पास मौत के कुएं तैयार कर दिए गए है। अब वहां बरसात होने से पानी भर जाने का खतरा पैदा हो गया है, जिससे गड्ढे मौत के कुएं बन गए हैं। जिले के कई भागों में इन गड्ढों में डूबकर बच्चों की मौत तक हो चुकी है ।

 *बरसात में बह जाएगी पड़ोसियों के खेत की मिट्टी* 

गंगा एक्सप्रेस-वे को जिन खेतों से या नजदीक से मिट्टी उठाई गई है। इस बरसात में पड़ोसियों के खेतों को सबसे बड़ा नुकसान है। बरसात में उनके खेतों की मिट्टी बहकर इन गड्ढों में जाएगी, जिससे जहां खोदाई नहीं हुई है। वहां भी दर्रे बनने का अनुमान है। किसानों को चिंता सताने लगी है कि वह अपने खेत कैसे बचाएं और कैसे फसल करें।