ऊंचाहार में खाद्य एवं रसद विभाग ने तराजू और बाटों के वार्षिक सत्यापन का विशेष अभियान शुरू,,,,,

ऊंचाहार में खाद्य एवं रसद विभाग ने तराजू और बाटों के वार्षिक सत्यापन का विशेष अभियान शुरू,,,,,

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    रिपोर्ट-सागर तिवारी

ऊंचाहार/रायबरेली: खाद्य एवं रसद विभाग ने तराजू और बाटों के वार्षिक सत्यापन का विशेष अभियान शुरू किया है। यह अभियान प्रदेश सरकार के निर्देशों पर उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
बुधवार को ऊंचाहार तहसील मुख्यालय स्थित आपूर्ति रसद एवं खाद्य कार्यालय में यह जांच शुरू हुई। जिला पूर्ति अधिकारियों के निर्देशन में आपूर्ति निरीक्षक सुखलाल ने कोटेदारों और दुकानदारों को कार्यालय बुलाकर उनके इलेक्ट्रॉनिक कांटों और मैनुअल बाटों की शुद्धता की जांच की। अभियान का मुख्य उद्देश्य घटतौली को रोकना और मानक उपकरणों का उपयोग सुनिश्चित करना है।
इस जांच का दायरा सरकारी राशन की दुकानों तक है। विधिक माप विज्ञान अधिनियम के तहत तराजू और बाटों का वार्षिक सत्यापन अनिवार्य है। बिना सत्यापन के पाए गए तराजू को जब्त करने और भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान है।निरीक्षण के दौरान, आपूर्ति निरीक्षकों द्वारा कई मानकों की जांच की जा रही है। इसमें यह देखा जा रहा है कि तराजू और बाट पर माप विज्ञान विभाग की नवीनतम वार्षिक मोहर लगी है या नहीं। साथ ही, राशन की दुकानों पर इलेक्ट्रॉनिक तराजू का ई-पॉस मशीन से सही जुड़ाव और ग्राहक को तौल स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।आपूर्ति निरीक्षक सुखलाल ने बताया, "हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि अंत्योदय और पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को उनके हक का एक-एक ग्राम अनाज मिले। यदि किसी भी विक्रेता या कोटेदार के पास असत्यापित या त्रुटिपूर्ण तराजू पाया जाता है, तो उनके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सामान खरीदते समय तराजू पर लगे सत्यापन स्टीकर या सील को अवश्य देखें। यदि कहीं भी घटतौली की शिकायत हो, तो विभाग के टोल-फ्री नंबर पर तुरंत सूचित करें।