फरवरी से जनपद में चलेगा 100 दिवसीय सघन टीबी अभियान, 11 विभाग करेंगे सहयोग : सीएमओ

फरवरी से जनपद में चलेगा 100 दिवसीय सघन टीबी अभियान, 11 विभाग करेंगे सहयोग : सीएमओ

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रायबरेली। जनपद में फरवरी से 100 दिवसीय सघन टीबी अभियान शुरू होगा। इस सम्बन्ध में डॉ. रतनपाल सिंह सुमन, महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को पत्र जारी कर आवश्यक निर्देश दिए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चन्द्रा ने बताया कि अभियान का उद्देश्य है कि जिले में छुपे हुए टीबी मरीजों की पहचान कर उन्हें इलाज मुहैया कराना जिससे कि टीबी मुक्त जनपद के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। उन्होने कहा कि अभियान को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। विभाग का प्रयास रहेगा कि अभियान के तहत स्वास्थ्य कर्मी हर गली मोहल्ले में जोखिम समूहों तक पहुंचें। महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य के निर्देशानुसार अभियान को जनभागीदारी के साथ संचालित किया जाएगा। यह अभियान केवल स्वास्थ्य विभाग तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इसमें जनप्रतिनिधियों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक, ग्राम प्रधान, स्वयं सहायता समूह, पंचायत प्रतिनिधियों सहित कुल 11 विभाग व माई भारत वालंटियर्स जैसे सामाजिक संगठन अभियान में सहयोग करेंगे। इसके साथ ही इस अभियान में विद्यालयों के साथ-साथ कॉलेज और विश्वविद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे। छात्रों को टीबी के लक्षण, जाँच और इलाज के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि “टीबी को छुपाना नहीं है। समय पर जाँच से ही इसे खत्म किया जा सकता है।”
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनुपम सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान उच्च जोखिमो जैसे 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, डायबिटीज के मरीज, कुपोषित, टीबी के पुराने रोगी, टीबी मरीज के साथ रहने वाले लोग, एचआईवी, धूम्रपान एल्कोहोल एवं नशा करने वाले व्यक्ति, निर्माण सम्बन्धी काम में लगे व्यक्ति, वृद्धाश्रम, अनाथालय, निराश्रित गृह में रहने वाले लोगों व ईंट भट्टे पर काम करने वाले लोगों की विशेष स्क्रीनिंग की जायेगी। संभावित टीबी मरीजों की जाँच में पुष्टि होने पर उपचार शुरू किया जायेगा। सात दिसम्बर 2024 से  लगातार यह अभियान चल रहा है जिसके तहत टीबी के कुल 8033 रोगी चिन्हित हुए जिनमें 4875 पुरुष, 2798 महिला और 360 बच्चे हैं। कुल 2972 रोगी ठीक हो चुके हैं। वर्तमान में जनपद में टीबी के 5061 रोगी हैं जिनका इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी में टीबी के लक्षण दिखाई दें तो निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच कराएँ। सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर टीबी की जाँच और इलाज निःशुल्क है। टीबी पूरी तरह से इलाज योग्य है। जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी डी.एस.अस्थाना ने टीबी के लक्षणों के बारे में बताया कि दो सप्ताह से अधिक खांसी, रात में पसीना आना, भूख कम लगना, वजन कम होना, बुखार, बलगम के साथ खून आना, थकान, सीने में दर्द, सांस लेने में दिक्कत और गर्दन में सूजन/ गांठ/गिल्टी होना आदि टीबी के लक्षण हैं, इन्हें नजरअंदाज न करें।