रायबरेली - बस स्टेशन परिसर में बैटरी रिक्शा चार्जिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल

रायबरेली - बस स्टेशन परिसर में बैटरी रिक्शा चार्जिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल

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रिपोर्ट:- ऋषि मिश्रा
मो०न०:-9935593647

स्टेशन प्रभारी ने वायरल वीडियो का सिरे से किया खंडन

बछरावां रायबरेली- कस्बे के मुख्य चौराहे पर स्थित बस स्टॉप परिसर में एक बैटरी रिक्शा चार्जिंग का एक वीडियो बड़ी तेजी के साथ सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो गया। वीडियो वायरल होते ही लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देने लगे। और वीडियो वायरल करने वाले व्यक्ति के द्वारा वीडियो में यह भी बताया गया कि यह वीडियो बछरावां के बस स्टॉप का है और यहाँ पर बैटरी रिक्शा चार्ज किया जा रहा है। परंतु जब उक्त वायरल वीडियो के विषय में पड़ताल की गई और इस संबंध में बस स्टेशन बछरावा के प्रभारी कुलदीप नारायण से दूरभाष के माध्यम से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि उक्त वायरल वीडियो निरर्थक है और यह बीते दिवस मंगलवार को एक पत्रकार महोदय के द्वारा बनाया जा रहा था, जब मैंने उनसे कहा कि यह बैटरी रिक्शा मुख्यालय से आया हुआ है। इस कारण यह यहां पर चार्ज हो रहा है, तो वह मेरी बात को अनसुना करते रहे, उसके पश्चात मैंने बैटरी रिक्शा के साथ आए कर्मचारियों के माध्यम से भी उनको इस विषय में जानकारी दी, परंतु उन्होंने उनकी भी बात को अनसुना करते हुए वीडियो वायरल कर दिया। साथ ही साथ स्टेशन प्रभारी के द्वारा यह भी बताया गया कि इस बैटरी रिक्शा में मुख्यालय से बछरावा बस स्टॉप के हुए सौंदर्यीकरण के शिलान्यास का पत्थर एवं पत्थर लगाने के सामान के साथ मिस्त्री व मजदूर आए थे। जो बस स्टॉप पर पत्थर लगा रहे थे। पहले यह बैटरी रिक्शा लालगंज बस स्टॉप पहुंचा, जहां पर स्टेशन के सौंदर्यीकरण का पत्थर एवं अन्य सामग्री उतारी गई। उसके पश्चात यह बैटरी रिक्शा बछरावां बस स्टॉप पहुंचा। जहां पर बैटरी रिक्शा में आए लेबर व मिस्त्री पत्थर लगा रहे थे। तभी बैटरी रिक्शा में बैटरी कम होने के कारण उनके द्वारा इसे चार्जिंग पर लगा दिया गया। परंतु तभी एक पत्रकार आए और वह फोटो खींचने लगे और वीडियो बनाने लगे। इसी कड़ी में उन्होंने यह भी बताया कि उन पत्रकार महोदय को समझाने एवं इस संबंध में बताने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी घृणित मानसिकता के कारण उन्होंने यह वीडियो वायरल कर दिया। फिलहाल मैंने इसकी जानकारी विभाग के उच्च अधिकारियों को भी दे दी है, क्योंकि यह बैटरी रिक्शा मुख्यालय से पत्थर व उसके लगाने का सामान लेकर भेजा गया था।