डेढ़ सौ मीटर कच्ची सड़क बनी ग्रामीणों की परेशानी, बरसात में गांव का संपर्क होता है बाधित

डेढ़ सौ मीटर कच्ची सड़क बनी ग्रामीणों की परेशानी, बरसात में गांव का संपर्क होता है बाधित

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रिपोर्ट:- ऋषि मिश्रा
मो०न०:-9935593647

महराजगंज, रायबरेली- तहसील क्षेत्र की ग्राम सभा जनई में टावर के पास से पूरे घोपाईया मजरा जनई गांव को जोड़ने वाली करीब 150 मीटर सड़क आज भी निर्माण की बाट जोह रही है। सड़क का यह छोटा सा हिस्सा वर्षों से कच्चा पड़ा है, जिसके कारण बरसात के मौसम में ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हल्की बारिश होते ही सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है और गांव का आवागमन प्रभावित हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। सबसे अधिक परेशानी तब होती है जब गांव में कोई व्यक्ति अचानक बीमार पड़ जाता है। कीचड़ और खराब रास्ते के कारण एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिससे मरीजों को चारपाई या अन्य साधनों से मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। कई बार समय पर इलाज न मिलने का खतरा भी बना रहता है। स्कूल जाने वाले बच्चों को भी इस समस्या का खामियाजा भुगतना पड़ता है। बारिश के दौरान कीचड़ से होकर स्कूल जाने के कारण बच्चों की यूनिफॉर्म और जूते गंदे हो जाते हैं। फिसलन के चलते गिरने का डर बना रहता है, जिससे अभिभावक भी चिंतित रहते हैं। कई बार बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते, जबकि तेज बारिश होने पर उन्हें घर पर ही रुकना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क के निर्माण को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई। ग्राम पंचायत से लेकर उच्च अधिकारियों तक मांग पत्र दिए गए, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। सड़क निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि महज 150 मीटर सड़क का निर्माण हो जाने से पूरे घोपाईया मजरा जनई गांव के लोगों को बड़ी राहत मिल जाएगी। गांव का संपर्क बेहतर होगा, मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी और स्कूली बच्चों को भी सुरक्षित आवागमन का लाभ मिलेगा। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि जनहित को देखते हुए इस सड़क का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द कराया जाए, ताकि वर्षों से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान हो सके।