रायबरेली में टीबी उन्मूलन को नई गति

रायबरेली में टीबी उन्मूलन को नई गति

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)

मो-8573856824

जागरूकता से जनभागीदारी तक मजबूत पहल
रायबरेली, 25 मार्च 2026।
विश्व क्षय रोग दिवस (24 मार्च) के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर, दरीबा में “सम्पूर्ण सुरक्षा रणनीति” विषय पर जिला स्तरीय जागरूकता एवं संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती अंजूलता (आईएएस) द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
मुख्य विकास अधिकारी अंजूलता (आईएएस) ने कहा, “टीबी उन्मूलन में जनभागीदारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब तक समाज में व्यापक जागरूकता नहीं होगी, तब तक इस बीमारी का पूर्ण उन्मूलन संभव नहीं है।” उन्होंने कहा कि संदिग्ध मरीजों की शीघ्र पहचान, निःशुल्क जांच एवं उपचार, निक्षय पोषण योजना तथा निक्षय मित्र जैसी पहलों के माध्यम से सरकार निरंतर प्रयासरत है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनुपम सिंह ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए “Break the silos, build synergies” की अवधारणा को साकार करना है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि जनपद में टीबी उन्मूलन एवं समग्र स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर प्रयास तेज किए गए हैं। “सरकार द्वारा निःशुल्क जांच, दवा और पोषण सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। प्रत्येक मरीज तक समयबद्ध उपचार पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है।”
उन्होंने “जन-जन का रखें ध्यान, टीबी-मुक्त भारत अभियान” का संदेश देते हुए कहा कि समय पर जांच, नियमित उपचार और समुचित पोषण से टीबी का पूर्ण उन्मूलन संभव है।
उत्तर प्रदेश स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी द्वारा संचालित सम्पूर्ण सुरक्षा केंद्र (एसएसके) की नोडल डॉ. ऋचा त्रिपाठी ने कहा, “सम्पूर्ण सुरक्षा रणनीति के अंतर्गत विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से टीबी उन्मूलन को गति दी जा रही है।” उन्होंने बताया कि टीबी रोगियों में एचआईवी संक्रमण तथा एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों में टीबी होने की संभावना अधिक रहती है। एचआईवी संक्रमित मरीजों में अन्य अवसरवादी संक्रमण भी पाए जाते हैं, जिनके उपचार हेतु विभिन्न दवाओं का सेवन करना पड़ता है, जिससे टीबी का उपचार अधिक जटिल एवं चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
उन्होंने आगे कहा कि सम्पूर्ण सुरक्षा केंद्रों पर ऐसे व्यक्तियों, जिनमें एचआईवी या टीबी संक्रमण की आशंका होती है, को काउंसलिंग के माध्यम से जागरूक कर संक्रमण से बचाव हेतु आवश्यक परामर्श एवं सहयोग प्रदान किया जाता है।
इस अवसर पर 11 टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों के प्रधानों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से डॉ. सुनील अग्रवाल, सीपीएम दिशा क्लस्टर प्रयागराज के डॉ. रोहित पांडे, नगेंद्रमणि मिश्रा, एआरटी सेंटर से सुशील तिवारी, सूर्य प्रकाश सिंह, सीमा, प्रीति, अमित दुबे, सूर्य प्रकाश शुक्ला, जय प्रकाश सहित जिला क्षय रोग विभाग के जिला प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर अभय मिश्रा, पीपीएम मनीष श्रीवास्तव, टीबी-एचआईवी कोऑर्डिनेटर अतुल वर्मा, शिवेंद्र सिंह, शिव शंकर यादव, अखिलेश त्रिपाठी, सुनीत श्रीवास्तव, वरुण देव शर्मा, विवेक, अरुण, ऋषिकेश त्रिपाठी, आशुतोष त्रिपाठी, दीपू पटेल, सुनील कुमार, अनिल कुमार, देवानंद प्रजापति, गौरव पाल, शुभम, शिवम, केके श्रीवास्तव, प्रदीप वर्मा, करुणा शंकर मिश्रा सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।