स्वतंत्रता दिवस पर देवव्रत धामा का PDA संदेश: संविधान और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान
मोदीनगर- 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर समाजवादी पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष देवव्रत धामा ने क्षेत्र के डबल स्टोरी, गोविंदपुरी, ब्रह्मपुरी, सीकरी, जीटी रोड, मऊ, अमीपुर नंगोला और डबाना सहित विभिन्न स्थानों पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने कई स्थानों पर ध्वजारोहण किया और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए देश की एकता, संविधान तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का संकल्प दिलाया।
अपने संबोधन में देवव्रत धामा ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने और नई पीढ़ी को उनके संघर्ष एवं बलिदान से जोड़ने का राष्ट्रीय पर्व है। उन्होंने कहा कि आजादी हमें लंबे संघर्ष और अनगिनत बलिदानों के बाद मिली है, इसलिए इसकी गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
देवव्रत धामा ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार नहीं चाहती कि देश की जनता स्वतंत्रता आंदोलन के संघर्ष और महान स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करे। उन्होंने कहा कि देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा के लिए जनता को जागरूक रहना होगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा की नीतियां संविधान की मूल भावना के विपरीत हैं। ऐसे में देश के सभी वर्गों को अपने संविधान और हक-हकूकों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करना होगा। धर्म, जाति और वर्ग से ऊपर उठकर दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक, किसान, मजदूर और सभी वंचित समाजों को एकजुट होकर सामाजिक न्याय और समान अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करना होगा।
PDA की ताकत सामाजिक सम्मान और बराबरी में
देवव्रत धामा ने कहा कि PDA की असली ताकत सामाजिक सम्मान, भागीदारी और बराबरी में है। उन्होंने कहा कि जिस समाज को लंबे समय तक सत्ता और व्यवस्था में उचित भागीदारी नहीं मिली, उसकी आवाज को मजबूत करना ही सामाजिक न्याय की वास्तविक लड़ाई है।
उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता तभी सार्थक मानी जाएगी, जब समाज के अंतिम व्यक्ति को भी सम्मान, अधिकार और बराबरी का अवसर मिले। उन्होंने सभी समाजों से आपसी भाईचारा बनाए रखने और संविधान में दिए गए अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
दलित और गुर्जर समाज के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देवव्रत धामा की सक्रिय भागीदारी का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी रहा कि उन्होंने दलित समाज और गुर्जर समाज की ओर से मिले आमंत्रणों को प्राथमिकता देते हुए उनके कार्यक्रमों में पहुंचकर समय दिया। दलित समाज के कार्यक्रमों में भागीदारी के साथ-साथ उन्होंने गुर्जर समाज के बीच भी पहुंचकर स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
इसी क्रम में राजेश पायलट स्मृति स्थल एवं पुस्तकालय पर समस्त गुर्जर समाज की ओर से स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। देवव्रत धामा की उपस्थिति में विकल सिंह ने ध्वजारोहण किया। कार्यक्रम में तिलकराज अधाना, राजकुमार, बिजेंदर सिंह, रकम सिंह, परसराम पायल, करतार सिंह, बी.एस. भाटी, ऋषिपाल गुर्जर, अक्षय गुर्जर, कालू गुर्जर, नरेश नागर, धर्मपाल, बृजपाल जैनर, चमन सिंह दोसा, धर्मवीर सिंह, कटार सिंह, धर्मेंद्र कुमार, ओमवीर, सुंदर सिंह, विपिन कुमार, अजीत सिंह, राजाराम गुर्जर, कृपाराम बाबूजी, जगदीश, रकम सिंह, तेजपाल सिंह, मोनू धामा और जगमाल सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रमों में समाजवादी पार्टी के विधानसभा महासचिव जावेद मास्टरजी, सचिव बादल कासिम, दीनू खान, अक्षय सिन्धु, सूरज और सचिन जाटव सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देश की एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का संकल्प लिया।
देवव्रत धामा ने कहा कि आज देश को नफरत नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की जरूरत है। देश को विभाजन नहीं, भाईचारा चाहिए और सत्ता का अहंकार नहीं, बल्कि संविधान की सर्वोच्चता चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ तभी पूरा होगा, जब समाज के अंतिम व्यक्ति को सम्मान, अधिकार और बराबरी मिले।
उन्होंने कहा कि PDA केवल एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि सामाजिक बराबरी, भागीदारी और संविधान की रक्षा का संकल्प है। उन्होंने भरोसा जताया कि सभी समाजों को साथ लेकर सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों की यह लड़ाई आगे भी मजबूती से जारी रहेगी।

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