रायबरेली-नटवरलाल 5 सफाईकर्मी हुए निलंबित DPRO के फ़र्ज़ी हस्ताक्षर करने का आरोप

रायबरेली-नटवरलाल 5 सफाईकर्मी हुए निलंबित DPRO के फ़र्ज़ी हस्ताक्षर करने का आरोप

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)

मो-8573856824

रायबरेली में पांच सफाई कर्मचारियों ने डीपीआरओ के फर्जी हस्ताक्षर कर वेतन भुगतान कराने का प्रयास किया। बैंक के अधिकारियों ने हस्ताक्षर में अंतर देख डीपीआरओ से संपर्क किया तो मामले का खुलासा हुआ।

डीपीआरओ ने पांचों सफाई कर्मचारियों को निलंबित कर जालसाजी करने के लिए विधिक कार्यवाही करने के लिए संबंधित को निर्देशित किया है। इसके साथ ही पांचों से स्पष्टीकरण भी मांगा है। वहीं इस खुलासे से सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है।

पंचायत राज विभाग में तैनात सफाई कर्मचारियों ने सरकारी खाते से वेतन निकालने के लिए डीपीआरओ के फर्जी हस्ताक्षर कर डाले। पांच सफाई कर्मचारियों ने वेतन भुगतान के लिए डीपीआरओ को कोई प्रार्थना पत्र भी नहीं लिखा। सीधे बैंक में वेतन प्रमाण पत्र पर डीपीआरओ के हस्ताक्षर कर भुगतान के लिए लगा दिया। बैंक अधिकारियों ने जब भुगतान के समय डीपीआरओ के हस्ताक्षर का मिलान कराया तो दंग रह गए। तुरंत भुगतान की प्रक्रिया रोकी और डीपीआरओ से संपर्क कर पूरे मामले की सूचना दी। बैंक से सूचना मिलते पंचायत राज विभाग में हड़कंप मच गया।

12 सिंतबर को खेले गए इस खेल की जानकारी होने के बाद इसकी जांच शुरू हुई और सफाई कर्मचारियों ने वेतन प्रमाण पत्र की प्रति लेकर जांच की गयी तो मामला साफ हो गया। जिसके बाद डीपीआरओ ने इस खेल को अंजाम देने वाले गंगेहरा गुलालगंज विकास खंड रोहनिया में तैनात सफाई कर्मचारी शिवम को निलंबित कर एडीओ पंचायत बछरावां के यहां संबद्ध करते हुए उन्हें ही जांच अधिकारी नामित किया गया है। इसी तरह रोहनियां विकास खंड की डिडौली ग्राम पंचायत में तैनात सफाई कर्मचारी किरन को निलंबित कर सरेनी से संबद्ध कर एडीओ सरेनी को जांच अधिकारी बनाया गया है। इसी विकास खंड के सरांय अख्तियार गांव में तैनात सफाई कर्मचारी अशर्फीलाल को निलंबित कर खीरों विकास खंड से सम्बद्ध कर एडीओ पंचायत खीरों को जांच सौंपी गयी है। इसी विकास खंड के इटौरा बुजुर्ग ग्राम पंचायत में तैनात सफाई कर्मी जितेंद्र कुमार को भी निलंबित कर लालगंज विकास खंड से संबद्ध कर एडीओ पंचायत को जांच सौंपी है।

वहीं, तापसगढ़ में तैनात सफाई कर्मी राम सिंह को निलंबित कर राही विकास खंड से सम्बद्ध कर एडीओ पंचायत को जांच सौंपी है। वैसे इस खेल के बाद पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है। माना यह जा रहा है कि सफाई कर्मचारियों को यह राह दिखाने वाला विभाग का ही कोई होनहार सलाहकार है। फिलहाल डीपीआरओ अब इन सबके विरुद्ध सख्त कार्यवाही करने जा रहे हैं।

दर्ज करायी जाएगी रिपोर्ट

डीपीआरओ सौम्यशील सिंह ने कहा कि फर्जी हस्ताक्षर करने वाले पांचों सफाई कर्मचारी के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। उनके विरुद्ध विधिक कार्यवाही भी की जा रही है। नियम विरुद्ध काम करने वाला कोई भी कर्मचारी बख्शा नहीं जाएगा।

सभी सफाई कर्मचारी रोहनियां विकास खंड

डीपीआरओ के हस्ताक्षर कर वेतन का भुगतान कराने वाले सभी पांचों सफाई कर्मचारी रोहनियां विकास खंड के हैं। इससे साफ है कि इस पूरे खेल में किसी शातिर का दिमाग लगा है। जिसका दिमाग लगा है वह रोहनियां विकास खंड के आसपास का है। फिलहाल इस मामले का सच तो पुलिस की जांच के बाद भी सामने आएगा।