धराली बीच गांव में फंसे 200 लोग, रास्ता बना रहे जवान, सीएम ने किया हवाई सर्वेक्षण
आईटीबीपी और आर्मी के जवान धराली में बीच गांव में फंसे ग्रामीणों तक पहुंचने के लिए वहां करीब 25 फीट ऊंचे मलबे में रास्ता बनाने की कोशिश कर रहे हैं। अस्थाई पुलिया बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
गांव में करीब 200 लोग भी फंसे है।
10:49 AM: उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा, "भारतीय सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय लोगों सहित हमारी सभी एजेंसियां बचाव कार्य कर रही हैं। कल 130 लोगों को बचाया गया। तलाशी और बचाव अभियान जारी है। सड़कें और एक पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण घटनास्थल तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। देहरादून में आपदा संचालन स्टेशन हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए 24 घंटे काम कर रहा है। हम सभी को सुरक्षित बचाने के प्रयास कर रहे हैं। मैं हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद देना चाहता हूं। पीएम मोदी ने आज भी बचाव अभियान का विवरण लिया..."
10:47 AM: उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 10 डीएसपी, 3 एसपी और लगभग 160 पुलिस अधिकारी बचाव अभियान में लगे हुए हैं... भारतीय सेना के हेलीकॉप्टर भी तैयार हैं। जैसे ही मौसम में सुधार होगा, हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल बचाव कार्यों के लिए किया जाएगा। खाने के पैकेट और डॉक्टरों की एक टीम तैयार कर ली गई है। बिजली बहाल करने का काम भी चल रहा है। धराली में अभी मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं है। हम लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। हम सभी को सुरक्षित बचाने के प्रयास कर रहे हैं..."
10:47 AM: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने और अचानक आई बाढ़ से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया।उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने और अचानक आई बाढ़ से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया।
उत्तराखंड में लगातार बारिश के बाद हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विकास त्यागी कहते हैं, "यह बारिश का मौसम है और मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। उत्तराखंड के 11 जिलों में बारिश हो रही है, जिसका असर हरिद्वार में गंगा नदी के जलस्तर पर भी पड़ा है। कल इसका जलस्तर 293 के आसपास था, जो यहां चेतावनी स्तर है, और आज यह खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। हालांकि, यह अभी खतरे के निशान तक नहीं पहुंचा है। लेकिन जिस तरह से बारिश हो रही है, उससे आज यह खतरे के निशान के करीब ही रहेगा... हरिद्वार में कोई चिंताजनक स्थिति नहीं है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है... हम प्रशासन के संपर्क में हैं, और प्रशासन सक्रिय है..."
10:41 AM: उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना | दिल्ली: नैनीताल-उधमसिंह नगर से भाजपा सांसद अजय भट्ट ने कहा, "यह बहुत दुखद घटना है। प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह घटना की हर बारीकी से जानकारी ले रहे हैं। मुख्यमंत्री धामी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। कई सड़कें बह गई हैं... जानकारी के अनुसार, 120 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है और उनका इलाज चल रहा है। हम प्रार्थना करते हैं कि मौसम सुधरे ताकि हमारे सेना के हेलीकॉप्टर प्रभावित लोगों को एयरलिफ्ट कर सकें और बचा सकें... केंद्र सरकार की एजेंसियां बचाव अभियान चलाने के लिए काम कर रही हैं..."
10:39 AM: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने और अचानक आई बाढ़ की घटना का जायजा लेने के लिए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (ईओसी) पहुंच गए हैं।
उत्तराखंड में बादल फटने और अचानक आई बाढ़ पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, "यह बहुत दुखद है। हिमाचल प्रदेश और वायनाड में भी ऐसी ही घटनाएं हुईं। हमें रोकथाम के लिए एक व्यापक रणनीति बनाने की जरूरत है ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।"
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी धराली बाजार, हर्षिल और आसपास के क्षेत्रों में आपदा से हुई क्षति का निरीक्षण करने के लिए सहस्त्रधारा हेलीपैड से निकल गए हैं।
09:25 AM:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की और उत्तराखंड जिले के धराली क्षेत्र में हाल ही में आई आपदा और राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। सीएम धामी ने प्रधानमंत्री को बताया कि राज्य सरकार पूरी तत्परता से राहत एवं बचाव कार्यों में लगी हुई है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में कठिनाइयाां आ रही हैं, लेकिन सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं ताकि प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता मिल सके। प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
यमुनोत्री घाटी में लगातार तीसरे दिन बारिश जारी है, जिससे यमुना और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। स्याना चट्टी में यमुना नदी और कुपड़ा खड्ड में मलबे और पत्थरों के बहाव ने लोगों की नींद उड़ा दी है। यमुनोत्री हाईवे कई स्थानों पर मलबा और सड़क धंसने से बंद पड़ा है, जिससे आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है।
08:28 AM: उत्तरकाशी में नेताला से लेकर भटवाड़ी के पापड़गाड तक दो स्थानों के पास सड़क धंसी है। गंगोत्री हाईवे पर नेताला और मनेरी-ओंगी के बीच नदी से सड़क पर कटाव हो रहा है। पापड़गाड में आज सड़क का खुलना मुश्किल है।
08:10 AM:
उत्तरकाशी में आई आपदा का पैटर्न वर्ष 2013 में केदारनाथ में आई जल प्रलय की तरह ही था। दोनोंं घटनाओं की वजह भूमध्य सागर से उठने वाले पश्चिमी विक्षोभ का हिमालय से टकराना रहा है। जिससे बादल फटने की घटना ने विकराल रूप अख्तियार कर लिया। यह कहना है आईआईटी रुड़की के हाइड्रोलॉजी विभाग के वैज्ञानिक प्रोफेसर अंकित अग्रवाल का। उनका कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण अब पश्चिमी विक्षोभ और मानसून आगे की तरफ शिफ्ट हो रहा है। 2013 में केदारनाथ में भी इसी तरह का पश्चिमी विक्षोभ का असर था, जो मंगलवार को उत्तरकाशी में था। बता दें कि आईआईटी रुड़की के हाइड्रोलॉजी विभाग के वैज्ञानिक जर्मनी की पॉट्सडैम यूनिवर्सिटी के साथ इंडो जर्मन परियोजना पर काम कर रहे हैं। जिसमें भारतीय हिमालयी क्षेत्र में प्राकृतिक खतरों (बादल फटने और अतिवृष्टि) का आकलन एवं भविष्यवाणी पर शोध किया जा रहा है।
गंगोत्री हाईवे पर पापड़गाड़ के पास लगभग 30 मीटर सड़क धंस गई, जिससे हर्षिल और धराली क्षेत्र का जनपद और तहसील मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया है। इस वजह से जिला प्रशासन की राहत टीम और आवश्यक सामग्री लेकर जा रही टीमें भटवाड़ी में फंसी हुई हैं, जो देर रात से वहीं अटकी हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हर्षिल और आसपास के क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है, जिनमें मुख्य रूप से मुखबा और कछोरा जैसे इलाके शामिल हैं। प्रशासन द्वारा रात में ही लोगों को स्थानांतरित किया गया।
जनपद में लगातार हो रही तेज बारिश से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। जिलाधिकारी ने नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ठहरने व पुलिस प्रशासन को लोगों को सचेत करने के निर्देश दिए। भारी अतिवृष्टि से गंगोत्री हाईवे पर कई स्थानों पर मलबा और बोल्डर आए हुए हैं जिससे मार्ग अवरुद्ध है। जिलाधिकारी ने सड़क मार्ग को युद्ध स्तर पर सुचारू करने के निर्देश बीआरओ को दिए।
07:41 AM:
घटना की जानकारी मिलते ही डीएम प्रशांत आर्य और एसपी सरिता डोबाल मौके के लिए रवाना हो गए हैं। प्रशासन ने हर्षिल में राहत शिविर भी स्थापित किए हैं। डीएम ने बताया कि नुकसान का पूरा आकलन मौके पर पहुंचकर किया जाएगा।
07:24 AM:
उत्तरकाशी धराली हर्षिल में बादल फटने से आई आपदा के बाद से राहत और बचाव कार्य आज बुधवार सुबह से फिर शुरू किया गया है। प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, आर्मी सहित सभी दल राहत बचाव कार्यों में लगे। आपदा कंट्रोल रूम से भी स्थिति की निरंतर निगरानी की जा रही है।
उत्तरकाशी जिले के धराली गांव के ऊपर खीरगंगा में मंगलवार दोपहर बादल फटने से खीरगंगा नदी में अचानक सैलाब आ गया। मलबे और पानी का बहाव इतना तेज था कि इसकी चपेट में आने से धराली का मुख्य बाजार पूरी तरह तबाह हो गया। इस आपदा में धराली का प्रसिद्ध कल्प केदार मंदिर भी पूरी तरह से मलबे में बह गया है। प्रशासन ने अभी तक चार लोगों के मरने की पुष्टि की है, जबकि 70 लोग लापता बताए जा रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंगलवार दोपहर करीब 1:50 बजे गांव के ऊपर बादल फटा। इसके बाद महज 20 सेकंड के भीतर खीरगंगा नदी का पानी और मलबा मुख्य बाजार की ओर मुड़ गया। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर दौड़ रहे थे, लेकिन इससे पहले कि वह सुरक्षित जगह पर जा पाते सैलाब ने सब कुछ तबाह कर दिया। वहां मौजूद कई होटल, रिसॉर्ट, दुकानें, घर और सेब के बगीचे जमींदोज हो गए। वहां चीख-पुकार मच गई।
देखते ही देखते पूरा बाजार मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया और एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना और पुलिस की टीमें मौके पर भेजी गईं। बचाव दल ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है और होटल में फंसे कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

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