रायबरेली-मदरसा तालीम के इबादत का स्थान,यहां मानवता का होता है सृजन,,,,

रायबरेली-मदरसा तालीम के इबादत का स्थान,यहां मानवता का होता है सृजन,,,,

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     रिपोर्ट-सागर तिवारी

ऊंचाहार-रायबरेली - मुरादाबाद  के मदरसे के मौलाना द्वारा एक बच्ची का प्रमाण पत्र को लेकर मचे बवाल के बीच ऊंचाहार के मदरसे के जलसे में मुस्लिम धर्मगुरुओं ने बड़ी बात कही है । जलसे के दौरान धर्म गुरुओं ने मदरसे को तालीम की इबादत का स्थल बताया और कहा यहां बच्चों में मानवीय भाव गढ़े जाते हैं । यह आयोजन क्षेत्र के सवैया हसन गांव स्थित मदरसा जामिया नईमया रज़ाउल उलूम में किया गया था । 
     मदरसा में नईम  अता कॉन्फ्रेंस व जश्ने दस्तारबंदी का वार्षिक आयोजन  प्रबंधक हजरत हाफिज व कारी मोहम्मद नवाब की अध्यक्षता में धूमधाम से संपन्न हुआ ।इसमें उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से विख्यात धर्मगुरु उपस्थित रहे।
सैयद अहमद हुसैन खुर्शीद निजामी लखनवी, नूरानी राजा ऊंचाहार ,अख्तर तबानी, हाफिज अरबाज हबीबी, मोहम्मद इसहाक,  हाफिज व कारी जमील साहब को हिफज़ की पगड़ी बांधी गई। क्षेत्र के कजियाना निवासी समाजसेवी नफीस इदरीसी के भांजे डीह निवासी हाफ़िज़ सैफ रज़ा इदरीसी ( पुत्र) शब्बीर इदरीसी ने इस मौके पर कहा कि मदरसा तालीम की जगह है , यहां मानवता का पाठ पढ़ाया जाता है । यहां अल्लाह की इबादत और पैगम्बर रसूल के रास्ते पर चलने की तालीम दी जाती है । मदरसे को लेकर फिजूल की बातें बंद होनी चाहिए । यह हम सबका कर्तव्य है कि मदरसे की पवित्रता को बनाए रखें।  मोहम्मद रज़ा जामी अजहरी ने मदरसे की भूमिका पर प्रकाश डाला।
 उन्होंने कहा कि  मदरसा में इंसानियत की शिक्षा दी जाती है 
यहां पढ़ने वाले बच्चे शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार भी सिखाते हैं । उन्होंने माता-पिता के सम्मान पर भी जोर  दिया। 
कार्यक्रम के अंत में मदरसे के प्रबंधक हाफिज व कारी नवाब साहब ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया।