अमित अस्थाना के निधन के बाद परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच की मांग, समाधान के लिए एकजुट हुआ संगठन
रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)
मो-8573856824
अमित अस्थाना के निधन के बाद परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच की मांग, समाधान के लिए एकजुट हुआ संगठन
▪️ एनटीईपी कर्मचारियों की बैठक में लंबित पेट्रोल भुगतान और कार्यव्यवस्था पर हुई चर्चा
▪️ कई माह से पेट्रोल मद का भुगतान लंबित, निजी संसाधनों से ड्यूटी करने को मजबूर कर्मचारी
▪️ अमित अस्थाना के निधन से पूर्व की परिस्थितियों और व्यवस्थाओं की तथ्यपरक समीक्षा की मांग
▪️ सीएमओ से अभिलेखों व शासन के दिशा-निर्देशों के आधार पर वस्तुस्थिति स्पष्ट करने की अपील
कानपुर। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) से जुड़े कर्मचारियों की कार्यस्थितियों, लंबित पेट्रोल भुगतान और अन्य व्यवस्थागत समस्याओं को लेकर कर्मचारियों की चिंता बढ़ती जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि कई माह से पेट्रोल मद का भुगतान लंबित होने के बावजूद वे अपने निजी संसाधनों से विभागीय जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं।
इसी को लेकर आयोजित बैठक में कर्मचारियों ने संगठन को मजबूत करने, आपसी एकजुटता बढ़ाने और बेहतर समन्वय के जरिए समस्याओं के समाधान की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। कर्मचारियों ने कहा कि संगठित प्रयासों के माध्यम से ही कार्यस्थल से जुड़ी समस्याओं को प्रभावी तरीके से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जा सकता है।
बैठक में हाल ही में अमित अस्थाना के निधन का मुद्दा भी उठाया गया। कर्मचारियों के बीच उनकी मृत्यु से पूर्व की परिस्थितियों, वेतन भुगतान और कार्यव्यवस्था से जुड़े विभिन्न तथ्यों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि संगठन ने किसी भी आरोप या निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है, लेकिन कर्मचारियों ने परिस्थितियों की निष्पक्ष और तथ्यपरक समीक्षा की आवश्यकता जताई है।
संगठन की ओर से मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मांग की गई कि संबंधित अभिलेखों तथा राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम और राज्य सरकार के लागू दिशा-निर्देशों के आधार पर पूरे मामले की वस्तुस्थिति स्पष्ट कराई जाए। कर्मचारियों का कहना है कि इससे उनकी शंकाओं का समाधान होगा और भविष्य में ऐसी किसी अप्रिय स्थिति की आशंका को रोकने में मदद मिलेगी।
प्रदेश अध्यक्ष करुणा शंकर मिश्र ने कहा कि संगठन का उद्देश्य विरोध करना नहीं, बल्कि समस्याओं का समाधान कराना है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर तथ्यों और अभिलेखों के साथ इस विषय को उच्च अधिकारियों और सरकार के समक्ष भी रखा जाएगा।
बैठक में संगठन निर्माण को कर्मचारियों की आवाज मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया गया। कर्मचारियों ने कहा कि सवाल व्यवस्था से है, व्यक्ति से नहीं। अब समय केवल चर्चा का नहीं, बल्कि ठोस समाधान की दिशा में कदम उठाने का है।

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