रायबरेली-ग्रामीणों की गंभीर समस्या का पूर्व विधायक ने 12 घंटे के अंदर किया निदान

रायबरेली-ग्रामीणों की गंभीर समस्या का पूर्व विधायक ने 12 घंटे के अंदर किया निदान

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अपनी समस्या के निदान पर ग्रामीण दे रहे हैं पूर्व विधायक का धन्यवाद

रिपोर्ट:- ऋषि मिश्रा
मो०न०:-9935593647


हरचंदपुर रायबरेली। विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पश्चिम गांव में बीते शुक्रवार को अन्नपूर्णा भवन का उद्घाटन करने पहुंचे विधानसभा के पूर्व विधायक राकेश प्रताप सिंह ने ग्रामीणों की शिकायत प्राप्त होने के 12 घंटे पश्चात एक जर्जर मार्ग के कार्य प्रारंभ कराकर ग्रामीणों की बहुत बड़ी समस्या का निदान किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्रामीण रिंकू वर्मा, ललई पासवान, यतेंद्र सिंह, योगेंद्र सिंह, राहुल सिंह, ग्राम प्रधान अब्दुल रहमान, भास्कर सिंह, अंकुर शुक्ला सहित सैकड़ो की संख्या में पुरुष एवं महिलाओं के द्वारा यह बताया गया कि बीते शुक्रवार को पूर्व विधायक राकेश सिंह स्थानीय गांव में अन्नपूर्णा भवन का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इसके पश्चात उनसे लगभग 150 से 200 मीटर के एक जर्जर मार्ग जो गांव के मुख्य ग्राम मंदिर को जाता है। जिसकी हालत बहुत ही जर्जर अवस्था में है, उसके निर्माण की शिकायत की गई, तो पूर्व विधायक ने आश्वासन देते हुए जल्द ही उस मार्ग के दुरुस्तीकरण की बात कही। लेकिन वहां पर मौजूद कुछ महिलाओं के द्वारा पूर्व विधायक को यह जानकारी दी गई कि आगामी माह में उनकी बेटी की शादी है और बारात दूर के गांव से आनी है, रास्ता बहुत खराब है, क्योंकि हम लोग रास्ते के किनारे बनी मेड से अपने घरों तक पहुंचते हैं, जिस कारण आप जल्द से जल्द रास्ता बनवा दीजिए। उक्त महिलाओं की शिकायत पर विधायक राकेश सिंह के द्वारा आश्वासन देने के 12 घंटे के अंदर शनिवार सुबह ही उस जर्जर मार्ग पर काम लग गया है और इस मार्ग पर निर्धारित मानक के अनुरूप पूर्व विधायक के द्वारा इंटरलाॅकिंग लगवाई जा रही है और उक्त गांव के सैकड़ो ग्रामीण अपनी इस गंभीर समस्या के निदान पर पूर्व विधायक राकेश सिंह का धन्यवाद ज्ञापित कर रहे हैं। ज्ञात हो कि पूर्व में भी विधायक न रहने के बावजूद राकेश सिंह के द्वारा अपनी विधानसभा के विभिन्न क्षेत्रों में इंटरलाॅकिंग, सीसी रोड एवं डामरीकृत रोड़ो का निर्माण कराया जा चुका है। जिसके कारण वह आए दिन सोशल मीडिया से लेकर इंटरनेट मीडिया व समाचार पत्रों में चर्चा का विषय बने रहते हैं। फिलहाल ग्रामीण अपनी इस समस्या के निदान के पश्चात एक जनप्रतिनिधि के रूप में अधिकारियों के साथ उनके समन्वय एवं बातचीत के प्रभाव को लेकर भी चर्चा करते हुए दिखाई दे रहे हैं।