81 दिवसीय गविष्ठी धर्मयुद्ध यात्रा एवं गौ गर्जना महासभा पूर्ण कर काशी पधारे शंकराचार्य जी महाराज

81 दिवसीय गविष्ठी धर्मयुद्ध यात्रा एवं गौ गर्जना महासभा पूर्ण कर काशी पधारे शंकराचार्य जी महाराज

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)

मो-8573856824

कल आगामी गौरक्षार्थ उद्घोषित आंदोलन के संदर्भ में पत्रकारों से वार्ता करेंगे शंकराचार्य जी महाराज


गौमाता के प्राणों के रक्षा हेतु गोरखपुर से शुरू हुए यूपी के सभी 403 विधानसभाओं से गुजरने वाली 81 दिवसीय गविष्ठी धर्मयुद्ध यात्रा पूर्ण एवं लखनऊ में गौगर्जना महासभा में आगामी गौरक्षार्थ आंदोलन की उद्घोषणा कर आज परमाराध्य परमधर्माधिश ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरू शंकराचार्य स्वामिश्री: अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती जी महाराज काशी पधारे।काशी पधारने पर काशीवासी भक्तों एवं संतों ने पुष्पवर्षा एवं जयघोष के साथ शंकराचार्य जी महाराज का स्वागत,अभिनंदन एवं वंदन किया।भक्तों के प्रार्थना पर शंकराचार्य जी महाराज चल पालकी में पर सवार होकर हरिश्चंद्र घाट मार्ग से होते हुए श्रीविद्यामठ पहुंचे।श्रीविद्यामठ में मठ के प्रभारी ब्रम्हचारी परमात्मानंद ने वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य शंकराचार्य जी महाराज का आरती पूजन किया।जिसके पश्चात भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया।

उक्त जानकारी देते हुए शंकराचार्य जी महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि शंकराचार्य जी महाराज 24 से 27 तारीख तक काशी प्रवास में रहेंगे जिस दौरान शंकराचार्य जी महाराज के पावन सान्निध्य में विभिन्न आध्यात्मिक एवं मांगलिक आयोजन सम्पन्न किए जाएंगे।27 तारीख को सायं संतों एवं भक्तों द्वारा शंकराचार्य जी महाराज का चरण पादुका पूजन कर उनका वंदन एवं अभिनंदन किया जाएगा।क्योंकि शंकराचार्य जी महाराज 28 तारीख को दो महीने हेतु छत्तीसगढ़ बेमतरा में स्थिति सपाद लक्षेश्वर धाम हेतु प्रस्थान करेंगे जहां वह अपना चातुर्मास्य व्रत अनुष्ठान सम्पन्न करेंगे।इस बार काशी में गुरुपूर्णिमा के दिन शंकराचार्य जी महाराज काशी में नही रहेंगे इसलिए गुरूपूर्णिमा से पूर्व शंकराचार्य जी महाराज के चरण पादुका पूजन,वंदन एवं अभिनंदन का अवसर प्राप्त होने से भक्तों में हर्ष व्याप्त है।

कल मध्याह्न 2 बजे शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में पत्रकार बंधुओं से शंकराचार्य जी महाराज आगामी गौरक्षार्थ उद्घोषित आंदोलन के संदर्भ में वार्ता करेंगे।

इस दौरान प्रमुख रूप से सर्वश्री~साध्वी पूर्णांबा दीदी,स्वामी प्रतूक्चैतन्यमुकुंदानंद गिरी,स्वामी निधिरव्यानंद सागर,देवेंद्र पाण्डेय,शैलेन्द्र योगी,सक्षम सिंह आदि सहित भारी संख्या में लोग सम्मिलित थे।