रायबरेली-डलमऊ ब्लॉक में तैनात अमरेंद्र मौर्या को किसका मिल रहा है आर्शीवाद
रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)
मो-8573856824
रायबरेली-डलमऊ ब्लॉक में सफाई व्यवस्था पर सवाल, कर्मचारी पर संरक्षण के आरोप रायबरेली के डलमऊ ब्लॉक में तैनात सफाई कर्मचारियों की कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। खासकर बिझला मऊ गांव में तैनात सफाई कर्मचारी अमरेंद्र मौर्य को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि अमरेंद्र मौर्य अपनी तैनाती वाले गांव में नियमित रूप से सफाई कार्य करने नहीं जाते हैं। इसके बजाय वे अधिकतर समय ब्लॉक मुख्यालय पर ही मौजूद रहते हैं। ऐसे में गांव की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हो रही है, जिससे ग्रामीणों को गंदगी और बीमारियों का खतरा झेलना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि ब्लॉक में कई अन्य सफाई कर्मचारी भी इसी तरह की कार्यशैली अपनाए हुए हैं, जो गांवों में जाने के बजाय ब्लॉक परिसर में बैठकर ही अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं। इसे लेकर यह भी सवाल उठ रहा है कि आखिर इन कर्मचारियों को किसका संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सफाई कर्मचारी गांव में कार्य नहीं कर रहे हैं, तो उन्हें उसी गांव के नाम पर मानदेय क्यों दिया जा रहा है? ग्रामीणों ने इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

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