रायबरेली में गांव-गांव बनेगी डिजिटल लाइब्रेरी, दूसरे चरण में 178 ग्राम पंचायतों का चयन
रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)
मो-8573856824
रायबरेली-ग्रामीण युवाओं को गांव में ही पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जिले में डिजिटल लाइब्रेरी का विस्तार किया जा रहा है। जिले की 980 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी बनाने की योजना है। इसके तहत दूसरे चरण में 18 ब्लॉकों की 178 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी बनाई जाएंगी।
पहले चरण में भी 178 ग्राम पंचायतों का चयन कर डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण कराया गया था। अब दूसरे चरण के लिए चयनित ग्राम पंचायतों में निर्माण की तैयारी शुरू कर दी गई है। प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर करीब चार लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
कंप्यूटर से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें होंगी उपलब्ध
डिजिटल लाइब्रेरी में कंप्यूटर, प्रिंटर, यूपीएस समेत अन्य जरूरी उपकरण लगाए जाएंगे। इसके साथ ही महापुरुषों की जीवनी, सामान्य ज्ञान, प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य शैक्षिक विषयों से जुड़ी किताबें भी उपलब्ध कराई जाएंगी। युवाओं के बैठने के लिए कुर्सी, मेज और बेंच की व्यवस्था भी होगी।
लाइब्रेरी के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत सचिव और सहायक ग्राम पंचायत अधिकारी को दी जाएगी। ग्रामीण युवाओं को गांव में ही निश्शुल्क अध्ययन की सुविधा मिलने से उन्हें पढ़ाई के लिए कस्बे या जिला मुख्यालय जाने की जरूरत कम होगी।
समय और पैसे की होगी बचत
अभी कई ग्राम पंचायतों के युवाओं को लाइब्रेरी और अध्ययन सामग्री के लिए दूर स्थित कस्बों अथवा जिला मुख्यालय का रुख करना पड़ता है। इससे उन्हें आने-जाने में समय और पैसा दोनों खर्च करना पड़ता है। गांव में डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा मिलने से युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही अध्ययन का बेहतर माहौल मिल सकेगा।
शिवगढ़ ब्लॉक निवासी शोभित ने बताया कि गांव में डिजिटल लाइब्रेरी बनने से प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी। वहीं डीह निवासी सुरेश ने बताया कि अभी लाइब्रेरी के लिए करीब 30 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। गांव में सुविधा मिलने से काफी सहूलियत होगी।
डलमऊ निवासी राजेंद्र के मुताबिक गांव में लाइब्रेरी शुरू होने से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में तेजी आएगी। यहां अखबार और किताबें पढ़ने की सुविधा भी आसानी से मिल सकेगी।
डीपीआरओ विनय सिंह ने बताया कि दूसरे चरण में 178 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी बनाई जाएंगी। इससे ग्रामीण युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सुविधा मिलेगी। पहले चरण में भी 178 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण कराया जा चुका है।

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