ऊंचाहार:भक्ति के सागर में डूबा भवानीगढ़: मां फूलमती मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य विश्राम

 ऊंचाहार:भक्ति के सागर में डूबा भवानीगढ़: मां फूलमती मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य विश्राम

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रिपोर्ट- सागर तिवारी

​ऊंचाहार, रायबरेली- तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत सराय हरदो स्थित सिद्ध पीठ मां फूलमती मंदिर का प्रांगण इन दिनों बैकुंठ धाम सा नजर आ रहा है। अवसर था ग्राम प्रधान शिवप्रकाश जी के अनुज राजेंद्र कुमार द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के विश्राम दिवस का। सात दिनों से बह रही भक्ति की अविरल धारा ने पूरे क्षेत्र को सराबोर कर दिया है।
​कथा के अंतिम दिन श्री धाम मथुरा वृंदावन से पधारे परम पूज्य व्यास संत राजेंद्र दास जी के मुखारविंद से जैसे ही प्रभु की लीलाओं का वर्णन शुरू हुआ, पाण्डाल "राधे-राधे" के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। महाराज जी ने अपनी ओजस्वी वाणी से भागवत महापुराण के मर्म को समझाते हुए कहा कि प्रभु की कथा ही कलयुग में मोक्ष का एकमात्र मार्ग है। उनके भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर नृत्य करने लगे, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया।
इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भक्ति की इस गंगा में डुबकी लगाने पहुंचे जिला पंचायत सदस्य आदर्श बाजपेयी जी ने व्यास पीठ का आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम में आयोजक राजेंद्र कुमार, शिवप्रकाश प्रधान, सुनील दुबे, नरेंद्र शुक्ला, सुरेश, सुमनलाल, हरीलाल, रमेश पाल और लवकुश सिंह सहित सैकड़ों भक्तों ने पूर्णाहूति देकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। आयोजित विशाल भंडारे में भक्तों ने श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया। सराय हरदो का यह आयोजन अपनी भव्यता और भक्तिमय ऊर्जा के कारण क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।