रायबरेली अधीक्षक कक्ष से लेकर जच्चा-बच्चा वार्ड में बेड तक पहुंचा गंदा पानी, जल निकासी की व्यवस्था की खुली पोल

रायबरेली अधीक्षक कक्ष से लेकर जच्चा-बच्चा वार्ड में बेड तक पहुंचा गंदा पानी, जल निकासी की व्यवस्था की खुली पोल

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रिपोर्ट:- ऋषि मिश्रा

मो०न०:-9935593647

 

मरीजों और तीमारदारों की बढ़ी मुश्किलें, संक्रामक बीमारियों का मड़राया खतरा

 

बछरावां, रायबरेली- रविवार सुबह करीब एक घंटे हुई मूसलाधार बारिश ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी। बारिश का पानी अस्पताल परिसर के साथ ही कई वार्डों और कमरों में भर गया। जन औषधि केंद्र, अधीक्षक कक्ष, सभागार, जच्चा-बच्चा वार्ड समेत अन्य कमरों में करीब एक फुट तक पानी भर जाने से मरीजों और तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे खराब स्थिति जच्चा-बच्चा वार्ड में देखने को मिली। वार्ड के फर्श पर गंदा पानी भरने के बावजूद मरीजों को बेड पर ही रहना पड़ा। कई मरीज और उनके तीमारदार बेड पर बैठे दिखाई दिए। फर्श पर भरे पानी से पूरे वार्ड में दुर्गंध फैल गई। ऐसे में प्रसूताओं, नवजात शिशुओं और अन्य मरीजों के लिए संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है। बारिश के दौरान अस्पताल के जन औषधि केंद्र और अधीक्षक कक्ष समेत कई स्थानों पर पानी भरने से स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े काम भी प्रभावित हुए। अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को पानी से होकर गुजरना पड़ा। पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी काफी देर तक अस्पताल परिसर में जमा रहा। मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि हल्की बारिश में भी अस्पताल परिसर में जलभराव की स्थिति बन जाती है। बावजूद इसके जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई। रविवार को हुई तेज बारिश के बाद हालात और गंभीर हो गए। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर गंदे पानी का जमाव स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहा है। मरीजों का कहना है कि यदि जल्द पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई तो बारिश के मौसम में हालात और बिगड़ सकते हैं। जलभराव के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है। लोगों ने अस्पताल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। सीएचसी अधीक्षिका अर्पिता श्रीवास्तव ने बताया कि तेज बारिश के चलते वार्डों में पानी भर गया है। जल्द ही जलनिकासी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया जाएगा।