इग्नू और भारत सरकार के कौषल विकास और उद्यमिता मंत्रालय में हुआ समझौता

इग्नू और भारत सरकार के कौषल विकास और उद्यमिता मंत्रालय में हुआ समझौता

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रिपोर्ट - अमन श्रीवास्तव 
मो - 8115983620

इग्नू में जनवरी, 2026 सत्र हेतु प्रारंभ हुए प्रवेश

रायबरेली:  इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय कार्यालय (लखनऊ) में उप निदेशक डॉ0 रीना कुमारी ने फीरोज गांधी कालेज, रायबरेली में स्थित इग्नू परीक्षा केन्द्र का दौरा किया। जहॉ पर इग्नू की सत्रांत परीक्षा चल रही हैं। डॉ0 रीना ने फीरोज गांधी कालेज स्थित इग्नू अध्ययन केन्द्र में पूर्ण शुचिता के साथ हो रही परीक्षा पर प्रसन्नता प्रकट की है। आज अध्ययन केन्द्र पर परास्नातक संस्कृत, ज्योतिष व राजनीतिशास्त्र पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों ने परीक्षा दी।
डॉ0 रीना ने बताया कि इग्नू में वर्ष में दो बार प्रवेश होता है। रायबरेली जनपद के वह विद्यार्थी जो किसी कारण से स्नातक व स्नाकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश नही ले सके वो इग्नू में जनवरी, 2026 सत्र हेतु प्रवेश ले सकते है। जनवरी, 2026 हेतु इग्नू में प्रवेश की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। प्रवेश की अन्तिम तिथि 31 जनवरी 2026 है।
यदि विद्यार्थियों को किसी भी तरह की कोई समस्या आती है तो इग्नू क्षेत्रीय केन्द्र लखनऊ पर किसी भी कार्य दिवस में सम्पर्क कर सकते हैं अथवा इग्नू क्षेत्रीय केन्द्र लखनऊ की ई मेल तबसनबादवू/पहदवनण्ंबण्पद पर भी अपनी ईमेल भेज सकते है। इग्नू की उपलब्धियों के बारे वार्ता के दौरान डॉ0 रीना ने सूचना दी कि अभी हाल में इग्नू और भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने प्रधानमंत्री कौषल विकास योजना के तह स्किल ट्रेनिंग लागू करने और इग्नू के रिजनल सेन्टर में स्किल सेन्टर स्थापित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। नई दिल्ली के कौशल भवन में इग्नू के कुलपति प्रो0 उमा कांजीलाल और एमएसडीई की सचिव श्रीमति देवा श्रीमुखरजी और दोनों संस्थानों के अन्य सीनियर अधिकारियों की मौजूदगी में एमओयू पर हस्ताक्ष्र किए गए।
इस अवसर पर अध्ययन केन्द्र के समन्वयक प्रो0 नीलांशु कुमार अग्रवाल ने बताया कि इग्नू द्वारा संचालित परास्नातक अंग्रेजी व हिन्दी पाठ्यक्रम साहित्यानुरागी पाठकों के लिए काफी रोचक सिद्ध हो रहे है। अध्ययन केन्द्र के सह-समन्वयक डॉ0 अरविन्द सिंह ने बताया कि इग्नू में प्रवेश के उपरान्त छात्र/छात्राओं को अध्ययन सामग्री उपलब्ध करायी जाती है, जो कि देश-विदेश के सुप्रतिष्ठित विद्वानों द्वारा तैयार की जाती है। यह अध्ययन सामग्री अत्यन्त ही सुगम भाषाशैली में प्रस्तुत की गई है।
 इस अवसर पर डॉ0 संजय कुमार, चन्द्र प्रकाश, श्रीचन्द्र शर्मा, शुभेन्द्र सिंह, उमेश, रामप्रसाद व मनीष आदि उपस्थित रहे।