रायबरेली-व्यापारी पुत्र की जघन्य हत्या की शातिर साजिश में नौसिखिए अपराधी पर उठ रहे सवाल

रायबरेली-व्यापारी पुत्र की जघन्य हत्या की शातिर साजिश में नौसिखिए अपराधी पर उठ रहे सवाल

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 रिपोर्ट-सागर तिवारी

ऊंचाहार-रायबरेली-सराफा व्यापारी के पुत्र की हत्या में पुलिस ने जो दो लोगों को गिरफ्तार किया है ,उनका अपराधिक इतिहास छोटी छोटी चोरियों का रहा है । किसी का अपहरण और उसकी हत्या जैसा जघन्यतम अपराध की कल्पना इन मामूली अपराधियों द्वारा किए जाने की बात लोगों को सहज हजम नहीं हो रही है ।
     हत्याकांड में पकड़े गए नजनपुर गांव के गुलाब के विरुद्ध करीब आठ साल पहले एक चक्की से सरसों की बोरी चोरी करने का मुकदमा दर्ज हुआ था । कुछ माह पूर्व उसे तमंचे के साथ पुलिस ने गिरफ्तार किया था । इस घटना में उसकी संलिप्तता चौंकाने वाली है । यही हाल नेवादा गांव के धर्मेंद्र का है । उसे गांव में लोग धरमू के नाम से पुकारते है । उसका भी किसी बड़े अपराध में आजतक नाम नहीं आया है । 
     व्यापारी पुत्र की जिस तरह हत्या हुई उससे उसकी बहुत पुरानी रंजिश की ओर इशारा करती है । उसका गला रेता गया फिर उसके पेट पर चाकू से अनगिनत वार किए गए , जिससे उसकी आंतें पेट से निकलकर बाहर आ गई । यही नहीं उसे जिस तरह से धोखे से दुकान से ले जाया गया , उससे प्रतीत होता है कि बड़ी शातिर साजिश रची गई थी । किंतु जिस प्रकार एक अपराधी का  दोबारा उसकी बाइक लेकर उसकी दुकान में आना और चोरी की कोशिश का प्रयास हुआ , इससे उसके नौसिखिए पन को प्रदर्शित करता है । सवाल यह भी है कि इतनी बड़ी साजिश और बड़ी घटना को अंजाम देने के बाद चोरी करने दुकान में जाना बेवकूफी भरा कदम था , जिसे कोई शातिर अपराधी नहीं करेगा ।