रायबरेली-नए एसपी रवि कुमार के आने से पुलिसिंग में दिखने लगा बदलाव, सख्त तेवर और सक्रियता से बढ़ी उम्मीदें

रायबरेली-नए एसपी रवि कुमार के आने से पुलिसिंग में दिखने लगा बदलाव, सख्त तेवर और सक्रियता से बढ़ी उम्मीदें
रायबरेली-नए एसपी रवि कुमार के आने से पुलिसिंग में दिखने लगा बदलाव, सख्त तेवर और सक्रियता से बढ़ी उम्मीदें

-:विज्ञापन:-

रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)
मो-8573856824

रायबरेली जनपद में नए पुलिस अधीक्षक (एसपी) रवि कुमार की तैनाती के बाद पुलिस महकमे में सक्रियता तेज हो गई है। पदभार संभालते ही एसपी रवि कुमार एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। उनके सख्त रुख और लगातार निरीक्षणों से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं आम जनता में कानून व्यवस्था को लेकर भरोसा मजबूत होता दिखाई दे रहा है।
एसपी रवि कुमार ने कार्यभार ग्रहण करने के तुरंत बाद विभिन्न थानों का औचक निरीक्षण शुरू कर दिया। मिल एरिया थाना समेत कई थानों का निरीक्षण कर उन्होंने महिला डेस्क, साइबर हेल्प डेस्क और अभिलेखों की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण और महिला संबंधी मामलों में संवेदनशीलता बरतने के सख्त निर्देश दिए।
एसपी ने साफ शब्दों में कहा है कि जनता की शिकायतों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। थाने पर आने वाले फरियादियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने और शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने बीट पुलिसिंग को मजबूत करने, अपराधियों की निगरानी बढ़ाने और हिस्ट्रीशीटरों पर कड़ी कार्रवाई करने की रणनीति बनाई है।
जनपद में अपराध नियंत्रण को लेकर विशेष अभियान चलाने के संकेत भी मिले हैं। अवैध शराब, जुआ, सट्टा और संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए भी विशेष अभियान चलाने की बात कही गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, एसपी रवि कुमार ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा और किसी भी प्रकार की ढिलाई पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तय है। उनके सक्रिय रुख से जहां पुलिस कर्मियों में जवाबदेही बढ़ी है, वहीं आम नागरिकों में यह उम्मीद जगी है कि जिले में अपराध पर लगाम लगेगी और पुलिसिंग व्यवस्था और बेहतर होगी।
रायबरेली में नए एसपी के नेतृत्व में पुलिस व्यवस्था में बदलाव की बयार चल पड़ी है, अब देखना होगा कि यह सख्ती जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी साबित होती है।