रायबरेली:बेटी जानवी बनी एक दिन की ऊंचाहार कोतवाल देखी पुलिसिंग,जांची व्यवस्था,,,,,?

रायबरेली:बेटी जानवी बनी एक दिन की ऊंचाहार कोतवाल देखी पुलिसिंग,जांची व्यवस्था,,,,,?

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    रिपोर्ट-सागर तिवारी

ऊंचाहार, रायबरेली। नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के संकल्प के साथ उत्तर प्रदेश में संचालित 'मिशन शक्ति 5.0' के अंतर्गत बुधवार को ऊंचाहार कोतवाली में महिला सशक्तिकरण की एक शानदार तस्वीर देखने को मिली। छात्राओं को प्रशासनिक व्यवस्थाओं के प्रति जागरूक और प्रेरित करने के उद्देश्य से एनटीपीसी आवासीय परिसर स्थित डीएवी स्कूल की कक्षा 11 की छात्रा जानवी साहनी को प्रतीक स्वरूप 'एक दिन का कोतवाल' बनाया गया।
सैल्यूट और स्वागत के साथ शुरू हुआ। जानवी साहनी जैसे ही कोतवाली परिसर पहुंचीं, वहां मौजूद पुलिस बल ने उन्हें पूरे सम्मान के साथ सैल्यूट किया। महिला आरक्षियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार राय और चौकी इंचार्ज वागीश मिश्रा जानवी को कार्यालय ले गए, जहाँ उन्होंने विधिवत कार्यभार ग्रहण किया।
पुलिसिंग की बारीकियों का निरीक्षण


- एक दिन की कोतवाल के रूप में जानवी ने पुलिस कार्यप्रणाली को गहराई से समझा:

जानवी ने कार्यालय में बैठकर जनशिकायतों को सुना और उनके निस्तारण की प्रक्रिया जानी।
डिजिटल पुलिसिंग: सीसीटीएनएस (CCTNS) रूम में जाकर कंप्यूटर पर मुकदमों के दर्ज होने की ऑनलाइन प्रक्रिया देखी।
अभिलेखों की जांच: अपराध रजिस्टर संख्या 4 और 8 का निरीक्षण किया और बंदीगृह की व्यवस्थाएं देखीं।
मिशन शक्ति पटल: विशेष रूप से मिशन शक्ति डेस्क पर पहुंचकर महिला अपराधों से संबंधित शिकायतों और उन पर की गई त्वरित कार्रवाई का विवरण लिया।


- सड़क पर उतरीं 'कोतवाल' जानवी,,,,, 


कार्यालय कार्यों के बाद जानवी साहनी नगर के मुख्य चौराहे पर पहुंचीं। वहां उन्होंने यातायात व्यवस्था का जायजा लिया और सड़क सुरक्षा के प्रति कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने:
पटरी दुकानदारों को निर्देश दिए कि वे अतिक्रमण न करें ताकि यातायात सुचारू रहे।
बिना हेलमेट बाइक चलाने वालों को रोककर उन्हें समझाया कि हेलमेट पुलिस के डर से नहीं, बल्कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए पहनें।
कोतवाल अजय कुमार राय ने बताया कि मिशन शक्ति 5.0 का लक्ष्य केवल कागजी नहीं, बल्कि धरातल पर बेटियों को सशक्त बनाना है। आज जानवी ने जिस आत्मविश्वास के साथ पुलिसिंग को समझा, वह अन्य बालिकाओं के लिए प्रेरणा बनेगा।
इस अवसर पर अपराध निरीक्षक सियाराम राजपूत, उपनिरीक्षक सुजीत कुमार, लक्ष्मीकांत यादव, सुमित गुजर और विशाल सहित महिला पुलिसकर्मी उपस्थित रहीं। इस पहल ने न केवल पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम किया, बल्कि भविष्य की पीढ़ी में कानून के प्रति विश्वास भी जगाया।