रायबरेली-डीएम की अध्यक्षता में जिला वृक्षारोपण, पर्यावरण व गंगा समिति की बैठक सम्पन्न

रायबरेली-डीएम की अध्यक्षता में जिला वृक्षारोपण, पर्यावरण व गंगा समिति की बैठक सम्पन्न

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रायबरेली। जनपद में गंगा संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण तथा वृक्षारोपण अभियानों को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी हर्षिता माथुर की अध्यक्षता में जिला गंगा समिति, जिला पर्यावरण समिति एवं जिला वृक्षारोपण समिति की संयुक्त बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में  सम्पन्न हुई। बैठक में विभिन्न कार्यदायी विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में पूर्व बैठक की कार्यवाही की विस्तृत समीक्षा की गई तथा आगामी कार्ययोजना पर गहन विचार-विमर्श किया गया। जिलाधिकारी ने विगत वर्ष में रोपित पौधों की जीवितता सुनिश्चित करने पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिए कि सभी विभाग नियमित रूप से पौधों की देखभाल, सिंचाई एवं संरक्षण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल रोपण तक सीमित न रहे, बल्कि उसकी शत-प्रतिशत जीवितता ही अभियान की वास्तविक सफलता होगी। साथ ही आगामी वर्षाकाल के लिए निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष सभी तैयारियों का पूर्वावलोकन कर समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। जिला गंगा समिति के अंतर्गत जिला पंचायत राज अधिकारी एवं अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत डलमऊ को निर्देशित किया गया कि सभी गंगा ग्रामों एवं नगर पंचायतों में गंगा संरक्षण हेतु नोडल अधिकारी नामित किए जाएं। इसका उद्देश्य गंगा में गंदगी को रोकना, जन- जागरूकता बढ़ाना तथा संरक्षण से संबंधित नई पहल को प्रभावी ढंग से लागू करना है, जिससे गंगा का प्रवाह निर्मल एवं अविरल बना रहे। बैठक में प्रभागीय निदेशक, सदस्य सचिव, जिला गंगा समिति द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद की “जिला गंगा योजना” तैयार की जानी है। इसके लिए पूर्व निर्धारित समिति द्वारा तय किए गए मुख्य बिंदुओं के अनुरूप संबंधित विभागों से सूचनाएं अपेक्षित हैं। इस पर जिलाधिकारी ने सभी विभागों को बिंदुवार एवं समयबद्ध सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि योजना को शीघ्र अंतिम रूप दिया जा सके।जनपद की लघु नदियों के पुनरोद्धार एवं कायाकल्प के लिए लोनी नदी का चयन किए जाने पर भी विचार किया गया। मनरेगा, ग्राम्य विकास विभाग पंचायती राज विभाग एवं सिंचाई विभाग को संयुक्त रूप से नोडल विभाग नामित करते हुए निर्देशित किया गया कि संबंधित अधिकारी नदी के प्रवाह क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें, जिससे प्रभावी कार्ययोजना बनाकर नदी को पुनर्जीवित किया जा सके। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के संबंध में एक सुनिश्चित एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी ने विशेष रूप से ई-वेस्ट (इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट) के बढ़ते प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज प्रत्येक घर से ई-वेस्ट निकल रहा है, जिसके सुरक्षित संग्रहण एवं निस्तारण हेतु गंभीरता से ठोस व्यवस्था विकसित किए जाने की आवश्यकता है। बैठक में डीएफओ प्रखर मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी अंजू लता, डीसी मनरेगा प्रमोद सिंह, उपायुक्त उद्योग परमहंस मौर्या, ए0आर0टी0ओ0 (प्रशासन) अरविन्द कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका स्वर्ण सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई सुशील यादव, जिला परियोजना अधिकारी संजय कुमार सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।