रायबरेली-बदहाली का जीवन जी रहा है परिवार, बीमार बेटे के इलाज के लिए मां खा रही है दर-दर की ठोकरें

रायबरेली-बदहाली का जीवन जी रहा है परिवार, बीमार बेटे के इलाज के लिए मां खा रही है दर-दर की ठोकरें

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रिपोर्ट:- ऋषि मिश्रा
मो०न०:-9935593647


महराजगंज रायबरेली। गरीबी धरती का सबसे बड़ा अभिशाप है और जब व्यक्ति गरीब होता है तो उसकी तरफ देखने वाला भी कोई नहीं होता। महराजगंज विकासखंड के अतरेहटा गांव में ठाकुर बिरादरी का एक परिवार रहता है, जिसकी माली हालत इतनी खराब है कि किसी तरह बस काम चल रहा है। अतरेहटा ग्राम निवासी बंशबहादुर सिंह जो मजदूरी का कार्य कर अपना परिवार चलाते थे, 3 साल पहले बीमार हो गए, उनकी तबीयत खराब हो गई, वही तीन बेटियों के पिता बंशबहादुर सिंह की पत्नी भी गुजर गई और बुजुर्ग मां है, जो किसी तरह परिवार को संभाले हुए हैं। बंशबहादुर सिंह की मां ने बताया कि बशबहादुर सिंह की पत्नी का निधन हो गया है, तीन पुत्रियां हैं, एक की शादी हो गई है, अभी दो पुत्री की शादी होना बाकी है। कच्चा घर है, और कोठरी भी गिर रही है, आवास के नाम पर आज तक हमको कुछ भी नहीं मिला, कई सरकारें आई और गई, लेकिन हमारे परिवार की तरफ किसी ने ध्यान नहीं दिया। किसी तरह मांग जांच कर कर्ज लेकर बेटे का इलाज करा रही हूं। 3 साल से बेटा घर पर ही रहता है तथा जो जमीन भी है, वह भी केवल बिस्वा में है, उसका भी सहारा नहीं रहता, गांव वालों से सहायता मांग कर किसी तरह काम चल रहा है। पूरा घर गिरा हुआ है, कच्चा घर है, कई बार जनप्रतिनिधियों से कहा लेकिन कोई ध्यान नहीं देता, घर माली हालत का आलम यह है कि खाने-पीने के भी लाले पड़े रहते हैं। बहुत ही समस्या और दिक्कतें है। वहीं सामान्य बिरादरी का यह परिवार सबसे खराब स्थिति से गुजर रहा है, और सरकारी योजनाओं का लाभ भी इस परिवार को नहीं मिल पा रहा है। जो भी एक व्यक्ति कमाने वाला है वो पिछले 3 साल से बीमार है। तीन पुत्री और एक बूढी मां है जो स्थितियों के सामने लाचार है। एक ओर मोदी और योगी सरकार द्वारा गरीबों को आवास मिले इसके लिए तमाम तरह की योजनाएं चलाई जाती हैं और सर्वे कराया जाता है वहीं कच्ची कोठरी में जिस तरह परिवार रह रहा है, उससे अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठता है।