रायबरेली-दरिगापुर में टीबी पर ‘वार’: गांव पहुंची जांच और पोषण की डबल मुहिम

रायबरेली-दरिगापुर में टीबी पर ‘वार’: गांव पहुंची जांच और पोषण की डबल मुहिम

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)

मो-8573856824

रायबरेली। जनपद में चल रहे 100 दिवसीय सघन टीबी खोज अभियान के तहत विकास खंड डलमऊ की ग्राम सभा दरिगापुर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष कैंप आयोजित किया गया।अभियान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चंद्रा के निर्देशन, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनुपम सिंह के नेतृत्व और सीएचसी अधीक्षक डॉ. नवीन कुमार की अगुवाई में संचालित हो रहा है, जिसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने गांव पहुंचकर जांच और जागरूकता कार्यक्रम चलाया। कैंप में डॉ. अनंता कुमार के साथ फार्मासिस्ट रंजीत कुमार गौतम, लैब टेक्नीशियन अजय, स्टाफ नर्स पल्लवी तिवारी, एक्स-रे टेक्निशियन शुभम सिंह, राजेंद्र कुमार मिश्रा, सीएचओ एकता सिंह एवं आशा कार्यकर्ता मंदाकिनी ने सेवाएं दीं। पूरे कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक शिवेंद्र सिंह के नेतृत्व में किया गया, जिनका योगदान सराहनीय रहा।
अभियान के अंतर्गत गांव में मोबाइल एक्स-रे वैन भी पहुंचाई गई, जिसका उद्देश्य संभावित टीबी मरीजों की शीघ्र पहचान करना रहा। मौके पर ही जांच की सुविधा मिलने से बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भागीदारी की। शिविर में कुल 115 मरीजों की ओपीडी हुई, जबकि 98 मरीजों का एक्स-रे किया गया। कैंप के दौरान भारतीय स्टेट बैंक द्वारा निक्षय मित्र के रूप में 15 टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरित की गई। इस पोटली में पोषक आहार सामग्री उपलब्ध कराई गई, ताकि मरीजों को उपचार के दौरान आवश्यक पोषण मिल सके और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शिवनारायण मिश्र उपस्थित रहे। उनके साथ वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. महेश कुमार मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनका मार्गदर्शन कार्यक्रम के दौरान महत्वपूर्ण रहा। साथ ही वरिष्ठ समाजसेवी प्रयाग नारायण मिश्रा का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने ग्रामीणों को जागरूक करने और सहभागिता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा आशीष कुमार मिश्रा, नारायण मिश्रा, शिवशरण, रामेश्वर, आशीष कुमार काकुष्ठ, शिव मंगल यादव, विजय यादव, राम दयाल, विनोद पटवा एवं राजकुमार (बीडीसी) सहित अन्य ग्रामीणों ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी की। स्वास्थ्य विभाग के इस संयुक्त प्रयास से ग्रामीण स्तर पर टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने, समय पर जांच कराने और मरीजों को पोषण सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है, जिससे टीबी मुक्त भारत अभियान को गति मिलने की उम्मीद है।