चार मासूम आँखों में अब भी माँ–बाप की तलाश है

चार मासूम आँखों में अब भी माँ–बाप की तलाश है

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)
मो-8573856824



रायबरेली के लोधवारी गाँव में एक हरिजन परिवार पर ऐसा दुखों का पहाड़ टूटा है जिसे शब्दों में बयां करना भी मुश्किल है
एक वर्ष पहले माँ का साया सिर से उठ गया और अब दो दिन पहले पिता भी इस दुनिया को छोड़कर चले गये
घर में अब सिर्फ चार मासूम बच्चे हैं…!
ना माँ की ममता, ना पिता का सहारा…!
बस सूनी चौखट, बिखरे सपने और भविष्य की अनिश्चित चिंता
जिन नन्हे हाथों में अभी किताबें और खिलौने होने चाहिए थे आज वही हाथ हालात से जूझने को मजबूर है
उनकी आँखों में एक ही सवाल है  अब हमारा कौन है?
आज जरूरत है कि हम सब मिलकर उनका “अपना” बने
एक छोटी सी मदद, एक दिन का त्याग, एक छोटा सा सहयोग इन बच्चों के जीवन की दिशा बदल सकता है
आइए…!
मानवता के नाते, इंसानियत के नाते
इन चार मासूम जिंदगियों को सहारा दे आपका थोड़ा सा सहयोग उनके लिए पूरी दुनिया बन सकता है
 कृपया आगे आएँ, सहयोग करें और इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक