रायबरेली-गैर जिम्मेदार अभिभावकों की लापरवाही एवं तेज रफ्तार बनी हादसे का कारण

रायबरेली-गैर जिम्मेदार अभिभावकों की लापरवाही एवं तेज रफ्तार बनी हादसे का कारण

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स्कूटी सवार नाबालिक छात्रों ने बाइक सवार युवको को पीछे से मारी जोरदार टक्कर, चार घायल

रिपोर्ट:- ऋषि मिश्रा
मो०न०:-9935593647


बछरावां रायबरेली। थाना क्षेत्र के कस्बा अंतर्गत खंड विकास अधिकारी कार्यालय के निकट मंगलवार की सुबह तकरीबन 9:30 बजे के आसपास गैर जिम्मेदार अभिभावकों की लापरवाही एवं तेज रफ्तार का नजारा तब देखने को मिला, जब अपने स्कूल जा रहे स्कूटी सवार नाबालिक छात्रों ने दो बाइक सवार युवको को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। जिसमें चारों लोग घायल हो गए, जिन्हे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार घायल स्कूटी सवार छात्र विपिन कुमार पुत्र राजाराम उम्र 17 वर्ष निवासी पटेल नगर अपने साथी छात्र सूरज पुत्र जय सिंह उम्र 16 वर्ष निवासी माधोपुर के साथ  मंगलवार सुबह अपने विद्यालय जा रहे थे। जैसे ही वह लखनऊ प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर कस्बे के निकट स्थित खंड विकास अधिकारी कार्यालय के पास पहुंचे, तभी उनकी स्कूटी की रफ्तार तेज होने के कारण उन्होंने अपने आगे चल रहे  बाइक सवार इरशाद मोहम्मद पुत्र इशाक अली उम्र 25 वर्ष एवं सुहेल पुत्र मुस्तकीम उम्र 20 वर्ष निवासीगण कमनी तालाब मजरे बिशुनपुर को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। जिसमें दोनों स्कूटी सवार छात्र एवं दोनों बाइक सवार युवक सड़क मार्ग पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों के द्वारा तत्काल चारों घायलो को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बछरावां पहुंचाया गया। जहां मौजूद चिकित्सक के द्वारा उनका प्राथमिक उपचार कर उनकी हालत सामान्य बताई है। लेकिन इस घटना के बाद सवाल यह उठना है कि जब सरकार के द्वारा नाबालिक बच्चों व स्कूली छात्र-छात्राओं को दोपहिया वाहनों से स्कूल जाने पर आदेश जारी कर शक्ति के साथ रोक लगाई गई है, और स्कूल प्रशासन से इस पर कार्यवाही करने की बात भी कही गई है, फिर भी क्षेत्र के निजी स्कूलों में ज्यादातर कक्षा 10 के ऊपर की कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के द्वारा दो पहिया वाहनों से ही स्कूल जाया जा रहा हैं और स्कूल प्रशासन मूकदर्शक  बना हुआ है। साथ में ऐसे स्कूली छात्र-छात्राओं के अभिभावक भी गैर जिम्मेदार बने हुए हैं और उनके बच्चों की नासमझी के कारण आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। जो किसी न किसी दिन बड़ी घटना का रूप भी ले सकते हैं। फिलहाल क्षेत्रीय लोगों की शासन प्रशासन से यह मांग है कि ऐसे नाबालिक छात्र- छात्राओं को यातायात के नियमों के प्रति जागरुक करते हुए उन्हें शक्ति के साथ समझाने का प्रयास करे और उन पर कार्यवाही की जाए। ताकि उनके गैरजिम्मेदार अभिभावकों को भी भविष्य में होने वाले किसी बड़े हादसे पूर्व सतर्क करते हुए नसीहत दी जा सके।