रायबरेली-सैकड़ों की भीड़ खंगाल रही नदी का कोना कोना,नहीं मिले डूबे किशोर और किशोरी,,,

रायबरेली-सैकड़ों की भीड़ खंगाल रही नदी का  कोना कोना,नहीं मिले डूबे किशोर और किशोरी,,,
रायबरेली-सैकड़ों की भीड़ खंगाल रही नदी का  कोना कोना,नहीं मिले डूबे किशोर और किशोरी,,,

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रिपोर्ट-सागर तिवारी


एनडीआरएफ टीम भी खोज में जुटी


ऊंचाहार-रायबरेली - एक दिन पहले नहाते समय ऊंचाहार के गोकना  गंगा घाट के पास डूबे किशोर और किशोरी का 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं लग पाया है । जबकि उनकी खोज में सैकड़ों की संख्या में स्थानीय गोताखोर लगे हुए है , जिन्होंने करीब 15 किमी तक गंगा नदी का कोना कोना छान मारा है। इस बीच लखनऊ से एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच गई है ।


   ज्ञात हो कि  बुधवार की दोपहर ऊंचाहार क्षेत्र के गोकना  गंगा घाट से जुड़ी चांदी बाबा की कुटी के पास दोपहर करीब 12 बजे गांव के गुंजा उर्फ पायल ( 14 वर्ष ) पुत्री राकेश कुमार , अभिषेक कुमार ( 12 वर्ष ) पुत्र रामलाल पासी और सलोनी ( 14 वर्ष ) पुत्री राकेश कुमार गंगा नदी में नहाने गए थे ।  नहाते समय बच्चे गहरे जल में चले गए और नदी में डूबने लगे । बचाव के लिए बच्चे चीखे तो उनकी आवाज सुनकर अन्य ग्रामीण भागकर वहां पहुंचे , किन्तु तब तक तीनों बच्चे डूब चुके थे । गांव के स्थानीय गोताखोरों की मदद ली गई । खोताखोरों ने सलोनी को सुरक्षित बचा लिया है । जबकि अभिषेक और गुंजा का पता नहीं चल पाया है । दो दिन से गंगा नदी के आसपास रहने वाले करीब डेढ सौ स्थानीय गोताखोर डूबे हुए बच्चों की तलाश कर रहे है । गोताखोरों ने चांदी बाबा की कुटी से लेकर जब्बारी पुर गंगा घाट तक करीब पंद्रह किमी नदी का कोना कोना छाना किन्तु बच्चों का कोई पता नहीं चल पाया है । इस बीच गुरूवार को शाम करीब साढ़े तीन बजे लखनऊ से एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची है । एनडीआरएफ दल के सदस्यों ने भी डूबे बच्चों की खोज शुरू की है । एसडीएम सिद्धार्थ चौधरी ने बताया कि गंगा नदी में डूबे बच्चों की खोज के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे है , जल अधिक होने के कारण खोज अभियान में दिक्कत आ रही है ।