रायबरेली-करोड़ों रुपए कीमत की सरकारी जमीन आखिर कब होगी मुक्त सबको है इंतजार,,,,,,,?

रायबरेली-करोड़ों रुपए कीमत की सरकारी  जमीन आखिर कब होगी मुक्त सबको है इंतजार,,,,,,,?

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रिपोर्ट-सागर तिवारी 

बिजली घर की जमीन पर खड़े हैं महल , राजस्व टीम की पड़ताल के बाद रुकी है कार्रवाई 

ऊंचाहार - रायबरेली-नगर के मध्य में स्थित बिजली विभाग की करोड़ों रुपए कीमत की जमीन को मुक्त कराने के लिए अब बुलडोजर का इंतजार है , किंतु अधिकारियों की उदासीनता और मिलीभगत से यह कार्रवाई करीब एक साल से रूकी हुई है । चुनाव के दौरान एक बार फिर सरकारी जमीन को मुक्त कराने की चर्चा ने जोर पकड़ा है । जिससे राजस्व विभाग पर दबाव बन रहा है ।
     ज्ञात हो कि नगर के मुख्य चौराहा से जुड़े विद्युत उपकेंद्र की भूमि गाटा संख्या 3732, 3733, 3734 , 3735 क , 3736 क और 3737 का कुल करीब ढाई बीघा जमीन यूपी स्टेट इलेक्ट्रिसिटी चीफ इंजीनियर के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज है । इस जमीन के अधिकांश भाग में कुछ साल पहले कब्जा कर लिया गया । बताया जाता है कि बिजली विभाग के स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत से काफी जमीन बेच दी गई । जिसमें कई महल बन गए। कुछ साल पहले मामले की शिकायत हुई तो पैमाइस दर पैमाइस की प्रक्रिया शुरू हुई । राजस्व विभाग की टीम को गठित करके नाप की गई तो पाया गया कि कई मकान बिजली विभाग की जमीन पर बने हुए है । इसकी बकायदा पूरी रिपोर्ट बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों को भेजी गई । जिस पर बिजली विभाग के अधिकारियों ने जमीन मुक्त कराने के लिए राजस्व विभाग से अनुरोध किया , किंतु उसके बाद राजस्व विभाग इस मामले में सो गया । आगे की कार्रवाई नहीं बढ़ पाई । बताया जाता है कि राजस्व विभाग की जांच में कुल नौ लोगों का कब्जा अवैध पाया गया है । काफी समय तक यह मामला ठंडे बस्ते में पड़ा रहा । अब इसमें नगर निवासी एक व्यक्ति ने सूचना का अधिकार के तहत कार्रवाई की जानकारी चाही तो राजस्व विभाग की फिर से नींद टूटी है । राजस्व विभाग की हरकत शुरू हुई तो नगर वासियों को बुलडोजर से जमीन मुक्त कराने की आस भी जगी है । जिसको लेकर नगर क्षेत्र में काफी चर्चा है ।