रायबरेली कराटे ब्लैक बेल्ट का परिणाम हुआ घोषित, 10 बच्चों ने पास की कराटे ब्लैक बेल्ट की परीक्षा

रायबरेली कराटे ब्लैक बेल्ट का परिणाम हुआ घोषित, 10 बच्चों ने पास की कराटे ब्लैक बेल्ट की परीक्षा

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रायबरेली- शिको काई कराटे इंटरनेशनल उत्तर प्रदेश के दिशा निर्देशन में व शिको काई कराटे इंटरनेशनल रायबरेली द्वारा आयोजित कराटे ब्लैक बेल्ट की परीक्षा का आयोजन बीते माह किया गया था। जिसमें एनटीपीसी ऊंचाहार के कराटे खिलाड़ियों ने और एनटीपीसी लारा,छत्तीसगढ़ के कराटे खिलाड़ियों ने भाग लिया था यह परीक्षा तीन दिवसीय थी। जिसमें लिखित परीक्षा, मौखिक परीक्षा और प्रैक्टिकल सम्मिलित था। परीक्षा मे पारदर्शिता बनाए रखने  हेतु तीन अलग-अलग जिलो के अनुभवी और अपने विषय में विशेषज्ञ कराटे मास्टर को बुलाया गया था। जिनके कुशल दिशा निर्देशन में कराटे ब्लैक बेल्ट की परीक्षा का आयोजन किया गया था। इस परीक्षा को पास करने वाले खिलाड़ियों में एनटीपीसी ऊंचाहार से स्नितिक सरगम, नैतिक, अप्रमेय शर्मा,आरुही कुमारी, एन सिद्धिक मनस्वी,जोहो आफताब, मायरा मेहर, अद्विका सिंह जबकि एनटीपीसी लारा से यज्ञसेनी प्रधान, सुप्रतिम भौमिक रहे। टेस्ट तीन चरणों में विभाजित किया गया था, जो की तीन दिवसीय था, प्रथम टीम के द्वारा बच्चों की रनिंग के साथ-साथ फिजिकल टेस्ट लिया गया जिसमें योग आदि सम्मिलित थे। दूसरी टीम के द्वारा ब्लॉग्स, पांच, किक, दाची जैसी चीजों का बारीकी से परीक्षण किया गया तथा तीसरी टीम के द्वारा काते, किहोन का परीक्षण किया गया। एसोसिएशन के निर्देशानुसार ब्लैक बेल्ट देने वाला बच्चा किसी भी एक हथियार को चलाने में सक्षम होना चाहिए जिसके लिए बच्चों ने लाठी,नानचाक तलवार में किसी एक का चुनाव कर सबके सामने बेहतरीन प्रदर्शन करके दिखाया। अलग-अलग टीमों के द्वारा बच्चों का मूल्यांकन करके परिणाम एसोसिएशन को सौपा गया। जिसके उपरांत परिणाम की घोषणा की गई। शिको काई कराटे इंटरनेशनल रायबरेली रिप्रेजेंटेटिव प्रियंका पटेल ने सभी नवीन ब्लैक बेल्ट धारीयो को शुभकामनाएं देते हुये कहा बेल्ट सिर्फ एक कपड़ा नहीं, बल्कि तुम्हारे पसीने, दर्द और कभी न टूटने वाले हौसले का प्रमाण है, ब्लैक बेल्ट सफर का अंत नहीं, बल्कि खुद को जीतने की शुरुआत है। इन बच्चों ने छोटी सी उम्र में जो मुकाम हासिल किया है उसका परिणाम उन्हें भविष्य में देखने को मिलेगा। शिको काई कराटे इंटरनेशनल उत्तर प्रदेश के मुख्य प्रतिनिधि शिहान अखिलेश कुमार रावत ने कहा कि ब्लैक बेल्ट के बाद बच्चों की वास्तविक कराटे का प्रशिक्षण शुरू होता है तथा अब उनके पास मौका होता है कि अपने प्रैक्टिस को और बेहतर करके चैंपियनशिप की ओर कदम बढ़ाए तथा नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर जाकर देश का नाम रोशन करें। सीडीएस मार्शल आर्ट्स के सचिव/नेशनल कराटे कोच राहुल कुमार पटेल ने कहा ब्लैक बेल्ट टेस्ट पास करना किसी चुनौती से कम नहीं होता भले ही लोग सोचे ब्लैक बेल्ट ही तो है लेकिन उन्हें नहीं पता इस बेल्ट को पाने के लिए वर्षों की मेहनत साथ ही लगन और परिश्रम की जरूरत होती है एक एक स्टेप सीखने में कई कई दिन लगते हैं और उसकी प्रैक्टिस हजारों बार की जाती है। पूरे 4 वर्ष की कठिन ट्रेनिंग के बाद बच्चों ने ब्लैक बेल्ट हासिल किया है। ब्लैक बेल्ट के बाद बच्चों को कभी नहीं सोचना चाहिए कि उन्होंने अपनी ट्रेनिंग पूरी कर ली है। जिंदगी का नाम ही है सीखना, आप जितना सीखोगे कुछ ना कुछ नया जरुर पाओगे और जिस दिन आपने सीखना बंद किया समझ लीजिए धीरे-धीरे आप चीजों को भुलना शुरू कर दोगे और एक समय ऐसा आएगा जब केवल आप नाम के ही ब्लैक बेल्ट होंगे। 
सीडीएस मार्शल आर्ट्स के संयुक्त सचिव शंशाई रोहित कुमार, शंशाई विवेक जायसवाल, शंशाई गौरव कुमार पटेल ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बच्चे लगातार मेहनत करते रहे चाहे आप घर में हो या फिर खेल के मैदान में प्रैक्टिस आपको हमेशा करनी है फिर चाहे आप उम्र के किसी भी पड़ाव में क्यों ना हो।