रायबरेली-एनटीपीसी के मल मूत्र नालो का सीधा गंगा में प्रवेश,,,

रायबरेली-एनटीपीसी के मल मूत्र नालो का सीधा गंगा में प्रवेश,,,

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रिपोर्ट-सागर तिवारी


ऊंचाहार-रायबरेली-पंचांग के अनुसार,19 साल बाद सावन पर बहुत ही खास संयोग बना है. जिसमें 8 सोमवार को व्रत किए जा रहे हैं।सावन का पहला सोमवार 10 जुलाई और आखिरी सोमवार 28 अगस्त को पड़ेगा इसी बीच करोड़ो श्रद्धालु गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं और गंगा नदी के जल का पान करके गंगा जल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक भी कर रहे हैं।
वहीं एनटीपीसी का गंदा नाला गंगा जल को दूषित कर रहा है?
अगर नही जानते तो आज ये सच्चाई भी आप जान लीजिए ।
एनटीपीसी की ऊंचाहार इकाई से निकलने वाला गंदा नाला ऊंचाहार नगर से होते हुए ,ऊंचाहार देहात ,पट्टी रहस कैथवल,जब्बारी पुर ग्राम पंचायतों से होकर कल्यानी ग्राम पंचायत के पास गंगा नदी में गिराया गया है ।
बताया जा रहा है कि एनटीपीसी के इस गंदा नाला के माध्यम से एनटीपीसी का सारा कचड़ा , मल, मूत्र इत्यादि गंगा नदी में प्रवाहित किया जाता है  और यही कचड़ा गंगा जल के साथ घुलकर संगम और तमाम तीर्थ स्थलों तक पहुंचता है । वहीं कैथवल गांव निवासी रंजीत सिंह का कहना  १०सालो से सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है एनटीपीसी कोई कार्रवाई नहीं कर रही, ऊंचाहार देहात निवासी शिवाकांत यादव का कहना है पतित पावनी गंगा मैया की एनटीपीसी के गंदा नालों की वजह से यह दशा देखी नहीं जाती कई बार लिखित कार्रवाई की गई है परंतु कोई सुनवाई नहीं होती।