रायबरेली-झोला छाप डॉक्टर ‌ के इलाज से एडवोकेट की बिगड़ी हाल

रायबरेली-झोला छाप  डॉक्टर ‌ के  इलाज से एडवोकेट की बिगड़ी हाल

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रिपोर्ट-सागर तिवारी 

ऊंचाहार- रायबरेली-मंगलवार की सुबह सलीमपुर भैरव निवासी संदीप कुमार एडवोकेट अपने घर से तहसील के लिए निकले थे । घर से उनके पेट में कुछ गैस महसूस हो रही थी अरखा पहुंचकर तीन पाइप स्थित क्लीनिक खोलकर बैठे किसी झोलाछाप डॉक्टर से इलाज करवाया और वही दवा डॉक्टर के सामने ही खाकर  अपने तहसील परिसर चले गए, कुछ देर बाद उनकी तबीयत अचानक और खराब हो गई , फिर वह ऊंचाहार सीएससी आए जहां पर इलाज हुआ जिसका लिखित प्रार्थना पत्र कोतवाली में देकर  कार्यवाही की मांग की है ।

**कुंभ करनी नींद सो रहा है स्वास्थ्य विभाग**

कई बार विभिन्न न्यूज़ पेपरो में प्रकाशित किया गया की इन अबैध झोलाछाप डॉक्टर जो  गांव की गलियों से लेकर कस्बा तक इनका मकड़ जाल फैला है ना उनके क पास कोई डिग्री है। फिर भी यह बड़े डॉक्टरों जैसे बड़े से बड़े मर्ज का इलाज करते हैं। कहीं-कहीं तो बड़े-बड़े ऑपरेशन भी किए जाते हैं लेकिन व्यवस्था के नाम पर इनके पास कुछ नहीं होता केवल गांव की भोली _भाली जनता के साथ लूट करते हैं और लोगों की जान के साथ खिलवाड़ करते हैं  ।
**कमीशन खोरी का परिणाम*
अभी कुछ दिन पहले एक निजी अस्पताल में प्रसूता की जान गंवानी पड़ी ही थी जिसको विभिन्न न्यूज़ पेपरो ने प्रकाशित किया गया था । की कुछ दिन बाद मीडिया कर्मियों की एक टीम ने इस निजी अस्पताल में सरकारी  तीन एंबुलेंस मरीज से भरी एक समय एक लोकेशन पर मिली इस अस्पताल में आशा भी मौजूद रही जिस पर सीएमओ के आदेश पर सीएचसी अधीक्षक ने कार्यवाही के आदेश दिए और 3 दिन में स्पष्टीकरण मांगा था तथा निर्देश दिए थे समस्त एंबुलेंस चालकों को तथा उनके साथ रहने वाले एम टी को हटाकर उनके स्थान पर नई भर्ती की जाए तथा मुझे सूचना दी जाए लेकिन जांच के लिए आए रायबरेली से एंबुलेंस जिला प्रभारी आशीष मिश्रा ने जांच किया और जांच कर  एंबुलेंस चालकों तथा एम टी को बचाने के लिए पूरा जोर लगा दिया। और कार्रवाई नहीं की गई।
**वही झोलाछाप के बारे में क्या कहते हैं, जिम्मेदार **
ऊंचाहार सीएचसी अधीक्षक मनोज कुमार शुक्ल का कहना है की लिखित शिकायत मिलेगी तो कार्यवाही किया जाएगा।